Eksandeshlive Desk
खूंटी : अड़की प्रखंड स्थित जनजातीय आवासीय विद्यालय हूंठ में पेयजल एवं स्नान के पानी की गंभीर समस्या सामने आई है। विद्यालय में पर्याप्त पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण छात्र अपनी जान जोखिम में डालकर लगभग आधा किलोमीटर दूर स्थित गंदे नाले में नहाने को मजबूर हैं। बच्चों की इस स्थिति ने विद्यालय प्रबंधन एवं संबंधित विभाग की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार विद्यालय में रहने वाले सैकड़ों छोटे छोटे बच्चे प्रतिदिन सुबह और शाम नाले तक पहुंचते हैं। नाले का पानी गंदा एवं अस्वच्छ है, बावजूद इसके बच्चों के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। बच्चे फिसलन भरे पत्थरों और गहरे पानी के बीच नहाते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार छोटे बच्चे पानी के तेज बहाव और गहराई के कारण डूबने जैसी स्थिति में पहुंच चुके हैं।
गंदे पानी में लगातार स्नान करने के कारण बच्चों में खुजली, चर्म रोग तथा अन्य संक्रमण फैलने की शिकायत भी सामने आ रही है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। विद्यालय में रहने वाले छात्रों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय परिसर में पानी की आपूर्ति व्यवस्था लंबे समय से प्रभावित है। कभी मोटर खराब रहने तो कभी पाइपलाइन में दिक्कत के कारण बच्चों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। गर्मी बढ़ने के साथ समस्या और गंभीर हो गई है। बच्चों को पीने और दैनिक उपयोग के लिए भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में पूछे जाने पर अड़की के प्रखंड विकास पदाधिकारी गणेश महतो ने कहा कि मामले की जानकारी ली जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि विद्यालय में पानी की समस्या है तो इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि बच्चों को परेशानी न हो। इधर, स्थानीय लोगों एवं अभिभावकों ने प्रशासन से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि विद्यालय में तत्काल स्वच्छ पानी की व्यवस्था, खराब उपकरणों की मरम्मत तथा बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।
