By Mustaffa
मेसरा (रांची): कांके प्रखंड के खटंगा पंचायत के लोकप्रिय मुखिया अनिल लिंडा को माननीय न्यायालय ने एक बड़े मामले में बड़ी राहत देते हुए ससम्मान बरी कर दिया है। उन पर लगे यौन शोषण और दुष्कर्म के आरोपों को अदालत ने पूरी तरह खारिज करते हुए उन्हें दोषमुक्त करार दिया है। रांची के माननीय 25-एजेसी-एक्स-एक्स (अपर न्यायिक आयुक्त) की अदालत ने 27 जून 2026 को इस मामले पर अपना अंतिम फैसला सुनाते हुए केस को निष्पादित कर दिया और मुखिया को क्लीन चिट दे दी। क्या था पूरा मामला! दिसंबर 2023 में रांची की एक महिला ने खटंगा मुखिया अनिल लिंडा पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने का आरोप लगाते हुए महिला थाना में मामला दर्ज कराया था। इस मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत उच्च न्यायालय से बेल याचिका खारिज होने के बाद मुखिया अनिल लिंडा ने कोर्ट में सरेंडर किया था,जिसके बाद उन्हें जेल जाना पड़ा। कुछ समय बाद वह बेल (जमानत) पर बाहर आए और कोर्ट में अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखी। मामला दर्ज होने के बाद मुखिया की पत्नी फूल जेंसिया लिंडा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया था। उन्होंने कहा था कि उनके पति कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बेहद लोकप्रिय मुखिया हैं। उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और बढ़ती प्रसिद्धि को धूमिल करने के लिए विरोधियों और कुछ जमीन दलालों ने मिलकर उन्हें साजिश के तहत झूठे केस में फंसाया था। अदालत के इस फैसले ने उनकी बात को सच साबित कर दिया है। इस कानूनी विवाद और मुखिया के जेल जाने के कारण पिछले कई महीनों से खटंगा पंचायत के विकास कार्य और प्रशासनिक गतिविधियां काफी प्रभावित चल रही थीं। उप विकास आयुक्त (डीडीसी) ने भी कांके बीडीओ को पत्र लिखकर कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया था। अब अदालत से पूरी तरह दोषमुक्त और बरी होने के बाद मुखिया अनिल लिंडा एक बार फिर आधिकारिक रूप से अपनी जिम्मेदारियां संभालेंगे,जिससे क्षेत्र के रुके हुए विकास कार्यों को रफ्तार मिलेगी। कोर्ट के इस फैसले के बाद खटंगा पंचायत के ग्रामीणों और समर्थकों में भारी उत्साह का माहौल है।
