Eksandeshlive Desk
पूर्वी सिंहभूम : टाटा स्टील ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के अस्थायी उत्पादन और डिलीवरी के आंकड़े जारी करते हुए मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। गुरुवार को कंपनी की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया गया कि इस अवधि में भारत में उसका क्रूड स्टील उत्पादन 5.82 मिलियन टन रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक है। वहीं कुल डिलीवरी 5.17 मिलियन टन रही। कंपनी के अनुसार यह वृद्धि मुख्य रूप से जमशेदपुर और कलिंगानगर संयंत्रों में उत्पादन क्षमता के बेहतर उपयोग तथा घरेलू बाजार में मजबूत मांग के कारण संभव हुई।
टाटा स्टील ने कहा कि घरेलू डिलीवरी में भी 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। ऑटोमोटिव एवं स्पेशल प्रोडक्ट्स कारोबार ने लगभग 0.9 मिलियन टन की बिक्री के साथ पहली तिमाही का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। कलिंगानगर की कंटीन्यूअस एनीलिंग और गैल्वेनाइजिंग लाइनों के विस्तार से हाई-एंड स्टील उत्पादों की बिक्री में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। ब्रांडेड प्रोडक्ट्स एवं रिटेल कारोबार ने भी लगभग 1.7 मिलियन टन की बिक्री के साथ नया रिकॉर्ड बनाया। कंपनी के प्रमुख ब्रांड टाटा टिस्कॉन की बिक्री में 33 प्रतिशत और टाटा स्टीलियम की बिक्री में 41 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स एवं प्रोजेक्ट्स कारोबार ने लगभग 1.6 मिलियन टन की बिक्री की। कंपनी ने जहाज निर्माण, कंटेनर और डेटा सेंटर जैसे नए क्षेत्रों में भी अपनी मौजूदगी मजबूत करने की बात कही।
कंपनी के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म टाटा स्टील आशियाना और डिजीईसीए का सकल व्यापार मूल्य पहली तिमाही में 2,200 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 61 प्रतिशत अधिक है। यूरोप में टाटा स्टील नीदरलैंड्स का उत्पादन 1.55 मिलियन टन रहा, जबकि यूके ने 0.48 मिलियन टन की डिलीवरी की। कंपनी की ओर से बताया गया कि वह क्षमता विस्तार, डिजिटल तकनीक और हरित इस्पात निर्माण पर लगातार निवेश कर रही है तथा वर्ष 2045 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।
