बांग्लादेश में परीक्षा विवाद पर भड़का जेन-जी आंदोलन, शिक्षा मंत्री की ‘फार्म चिकन’ टिप्पणी से बढ़ा छात्रों का गुस्सा

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Eksandeshlive Desk

ढाका : बांग्लादेश में उच्च माध्यमिक (एचएससी) परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। बाढ़ और खराब मौसम के बीच परीक्षाएं कराने के सरकारी फैसले तथा शिक्षा मंत्री ए.एन.एम. एहसानुल हक मिलोन की विवादित ‘फार्म चिकन’ टिप्पणी के बाद ढाका समेत कई शहरों में हजारों छात्र सड़कों पर उतर आए। यह आंदोलन बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) सरकार के सत्ता में आने के कुछ ही महीनों बाद सामने आया है। 2 जुलाई से शुरू हुई एचएससी और समकक्ष परीक्षाओं में करीब 13 लाख छात्र शामिल हो रहे हैं। जुलाई के दूसरे सप्ताह में मूसलाधार बारिश और बाढ़ से चटगांव क्षेत्र सहित कई इलाकों में हालात बिगड़ गए। शिक्षा मंत्रालय ने चटगांव शिक्षा बोर्ड के अंतर्गत आने वाले पांच जिलों में परीक्षाएं स्थगित कर दीं, लेकिन अन्य बोर्डों में परीक्षाएं जारी रखने के फैसले से छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी फैल गई।

रिपोर्टों के मुताबिक, कई छात्रों को घुटनों तक पानी में चलकर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचना पड़ा। कई परीक्षार्थी बारिश, जलभराव और बीमारी के बावजूद परीक्षा देने के लिए मजबूर हुए, जिससे परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे। विवाद उस समय और बढ़ गया जब शिक्षा मंत्री मिलोन की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसमें वह कथित तौर पर कहते सुनाई दिए, “ये तो फार्म चिकन हैं, थोड़ा भीगते ही बुखार आ जाता है।” इस टिप्पणी को छात्रों ने अपमानजनक बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। स्थानीय मीडिया के अनुसार, ढाका, चटगांव, कुमिल्ला सहित कम से कम 13 जिलों में छात्रों ने सड़कें जाम कीं, शिक्षा बोर्ड कार्यालयों का घेराव किया और प्रदर्शन किए। राजधानी ढाका में प्रदर्शनकारियों ने व्यंग्यात्मक नारे लगाए—”तुम कौन? हम कौन? फार्म चिकन!” बढ़ते विरोध के बीच प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने 14 जुलाई को शिक्षा मंत्री के साथ आपात बैठक की। इसके बाद मंत्री मिलोन ने संसद में अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगते हुए भारी बारिश और जलभराव से छात्रों को हुई परेशानियों को स्वीकार किया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि जो छात्र परीक्षा नहीं दे सके, उनके लिए नई परीक्षा व्यवस्था की जाएगी।

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