Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली : इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में 138 रनों की पारी खेलने वाले भारतीय टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने कहा है कि उनका पूरा ध्यान केवल भारतीय टीम के लिए प्रदर्शन करने पर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाहरी शोर से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता और उनका काम सिर्फ मैदान पर देश के लिए सर्वश्रेष्ठ देना है। लॉर्ड्स वनडे मैच से पहले मीडिया रिपोर्ट्स में लगातार ऐसे दावे किए जा रहे थे कि यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए रोहित शर्मा का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच हो सकता है। हालांकि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने इन खबरों को निराधार बताया था। अब मैच के बाद रोहित ने भी अपने बयान से इन चर्चाओं को लगभग खारिज कर दिया।
अगर शोर न हो, तो मजा ही नहीं आता : बीसीसीआई की ओर से सोमवार को जारी वीडियो में रोहित शर्मा ने कहा कि मेरा काम बल्ले से प्रदर्शन करना और मैदान पर उतरकर अपने देश का प्रतिनिधित्व करना है। डेब्यू के बाद से मुझे यही जिम्मेदारी मिली है और मैं आगे भी यही करता रहूंगा। उन्होंने कहा कि बाहरी चर्चाएं और आलोचनाएं उनके करियर की शुरुआत से ही होती रही हैं और इससे उनके सोचने या खेलने के तरीके पर कोई असर नहीं पड़ता। रोहित ने कहा कि जब से मैंने पदार्पण किया है, तब से यह शोर मौजूद है। जब तक मैं खेलूंगा, यह चलता रहेगा। इसलिए इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि मैं मैदान पर क्या करता हूं और टीम की सफलता में कितना योगदान देता हूं।” उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, “शोर-शराबा होने दीजिए। अगर शोर न हो, तो मजा ही नहीं आता। मेरा काम मैदान के अंदर है और आलोचकों का काम मैदान के बाहर। मैं इसे इसी नजरिए से देखता हूं।
हमने पूरी कोशिश की, लक्ष्य से थोड़ा पीछे रह गए : रोहित शर्मा ने कहा कि टीम ने लक्ष्य का पीछा करने की पूरी कोशिश की, लेकिन 20-25 रन पीछे रह गई। उन्होंने स्वीकार किया कि हार निराशाजनक रही, लेकिन टीम को इस हार से सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। रोहित शर्मा ने कहा कि टीम पूरे दौरे में अच्छा क्रिकेट खेल रही थी, लेकिन निर्णायक मुकाबले में लक्ष्य हासिल करने से चूक गई। बर्मिंघम में हमने शानदार शुरुआत की थी। कार्डिफ में बल्लेबाजी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही और बोर्ड पर पर्याप्त रन नहीं थे। यहां भी बड़ा लक्ष्य था। लॉर्ड्स वनडे में मुख्य तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति में भारतीय गेंदबाजी आक्रमण दबाव में नजर आया। हालांकि, रोहित ने युवा गेंदबाजों का समर्थन करते हुए उनका बचाव किया। रोहित ने कहा कि इन खिलाड़ियों ने अभी ज्यादा वनडे क्रिकेट नहीं खेला है। उन्हें थोड़ा समय देना होगा। उम्मीद है कि हम इस मैच से सीखेंगे और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
138 रन की दमदार पारी भी नहीं दिला सकी जीत : लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे और अंतिम वनडे में रोहित शर्मा ने 138 रनों की शानदार पारी खेलकर साबित कर दिया कि उनमें अभी भी भरपूर क्रिकेट बाकी है। हालांकि उनकी यह पारी भारतीय टीम को जीत नहीं दिला सकी। पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने तीन विकेट पर 387 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में भारतीय टीम निर्धारित 50 ओवर में सात विकेट पर 360 रन ही बना सकी और 27 रन से मुकाबला हार गई। रोहित के अलावा कप्तान शुभमन गिल ने 77 और विराट कोहली ने 74 रन की महत्वपूर्ण पारियां खेलीं, लेकिन टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने तीन मैचों की वनडे श्रृंखला 2-1 से अपने नाम कर ली। इससे पहले भारतीय टीम को पांच मैचों की टी-20 श्रृंखला में भी इंग्लैंड के हाथों 4-0 से हार का सामना करना पड़ा था।
