हंगामे के बीच झारखंड विधानसभा में 8,399 करोड़ रुपये का प्रथम अनुपूरक बजट पेश, सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित

Politics

Eksandeshlive Desk

रांची : झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विपक्ष के हंगामे के बीच वित्तीय वर्ष 2026-27 का प्रथम अनुपूरक बजट पेश किया। अनुपूरक बजट का कुल आकार 8,399 करोड़ 31 लाख 11 हजार रुपये है। विधानसभा में बजट पेश किए जाने के दौरान विपक्षी सदस्य जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार नारेबाजी करते रहे। हंगामे के बीच ही वित्त मंत्री ने अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा। सरकार के अनुसार, अनुपूरक बजट पर सदन में विस्तृत चर्चा चालू सत्र के दौरान इसके पारित होने से पहले कराई जाएगी। इसके अलावा हंगामे के बीच विधानसभा की विभिन्न समितियों की रिपोर्ट भी सदन के पटल पर प्रस्तुत की गई।उल्लेखनीय है कि लगातार हंगामे और नारेबाजी के कारण विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने सदन की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा गड़बड़ी को लेकर विधानसभा में हंगामा : इससे पहले झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन शुक्रवार को जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी का मुद्दा छाया रहा। विपक्षी सदस्यों के हंगामे और नारेबाजी के कारण विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12.30 बजे तक और बाद में सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि झारखंड के छात्र और युवा बारिश के बीच सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं। राज्य में जेपीएससी की जितनी भी परीक्षाएं हुई हैं, उनमें गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं। इसी तरह जेएसएससी की परीक्षाओं में भी अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। मरांडी ने राज्य सरकार से जेपीएससी और जेएसएससी की सभी परीक्षाओं की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मामले में किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। इस पर संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि अनुपूरक बजट पेश होने के बाद सत्र का पर्याप्त समय बचा हुआ है। इसलिए इस मुद्दे पर बाद में भी चर्चा कराई जा सकती है। वहीं, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि छात्रों की मांगों के साथ सत्ता पक्ष भी खड़ा है।

कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने विपक्ष के हंगामे को गैरजरूरी बताया: इसी दौरान विपक्षी सदस्य सदन के वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने सदस्यों से शांत रहने और अपनी-अपनी सीट पर लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्यों ने नेता प्रतिपक्ष की बात भी पूरी तरह नहीं सुनी है। अध्यक्ष ने भाजपा विधायकों से प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह किया। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि फिलहाल खेती-किसानी का समय है और इससे जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी सदन में चर्चा जरूरी है। हालांकि, विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा। इसके बाद अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। दोपहर करीब 12.35 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने विपक्ष के हंगामे को गैरजरूरी बताया। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे देश के छात्रों के हित में काम कर रही है, लेकिन विपक्ष छात्रों के मुद्दे को बहाना बनाकर सदन में हंगामा कर रहा है। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने शून्यकाल की सभी सूचनाओं को पढ़ा हुआ मानते हुए संबंधित विभागों को भेजने का निर्देश दिया। इसके बाद विपक्षी सदस्य एक बार फिर वेल में पहुंच गए और नारेबाजी करते हुए हंगामा करने लगे। लगातार हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

Spread the love