Eksandeshlive Desk
रांची: जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सोमवार को प्रस्तावित वार्ता नहीं हो सकी। इसके साथ ही छात्र-अभ्यर्थियों का आंदोलन 24वें दिन और भूख हड़ताल 14वें दिन भी जारी रही। सरकार की ओर से एक दिन पहले रांची के एसडीओ ने 16 अगस्त को जयपाल सिंह स्टेडियम पहुंचकर छात्र प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए आमंत्रित किया था। सोमवार को दोपहर दो बजे मुख्यमंत्री से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात का समय तय किया गया था। छात्र प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, सोमवार को एसडीओ सभी सदस्यों को सरकारी वाहन से जयपाल सिंह स्टेडियम के मुख्य गेट के पास लेकर पहुंचे। इसी दौरान अचानक फोन आने पर वाहन रोक दिया गया। प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि अगली सूचना के बाद उन्हें मुख्यमंत्री आवास ले जाया जाएगा। उस समय कैबिनेट की बैठक होने की बात कही गई।
जांच सीबीआई और परीक्षाओं को रद्द करने की मांग दोहराई: छात्र अभ्यर्थी उमेश प्रसाद ने बताया कि एसडीओ के साथ सभी प्रतिनिधिमंडल सदस्य वाहन में करीब दस मिनट तक बैठे रहे। इसके बाद कोई स्पष्ट सूचना नहीं मिलने पर वे वाहन से उतरकर दोबारा धरना स्थल पर लौट गए। छात्रों के अनुसार, इसके बाद एक-दो नहीं, बल्कि तीन घंटे तक इंतजार किया गया और रात होने तक मुख्यमंत्री आवास या प्रशासन की ओर से दोबारा कोई सूचना नहीं मिली। छात्रों ने सरकार के इस रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच सीबीआई से कराने और संबंधित परीक्षाओं को रद्द करने की मांग दोहराई। छात्र प्रतिनिधि पीयूष कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार की जांच रिपोर्ट में अभय तिवारी को कथित तौर पर जेपीएससी घोटाले का मुख्य आरोपित बताया गया है और कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि इसके बावजूद सरकार सीबीआई जांच से क्यों पीछे हट रही है।
भूख हड़ताल पर छात्रों की तबीयत बिगड़ी: इस बीच लंबे समय से भूख हड़ताल जारी रहने के कारण आंदोलनकारी राहुल कुमार क्रांति और उम्मे हबीबा की तबीयत बिगड़ गई है। दोनों का सदर अस्पताल, रांची में इलाज चल रहा है। वहीं, धरना स्थल पर रूपेश कुमार और सबिता कुमारी अभी भी अनशन पर हैं। छात्रों के अनुसार, सोमवार को उनकी भूख हड़ताल का 14वां और आंदोलन का 24वां दिन था। छात्र प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि वार्ता नहीं होने के बावजूद उनका आंदोलन जारी रहेगा और जेपीएससी-जेएसएससी तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर वे पीछे नहीं हटेंगे।
