जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी मामले में पत्थलगड्डा के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को 36 घंटे के पूछताछ के बाद सशर्त पीआर बाॅड पर छोड़ा गया

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अशोक अनन्त
(चतरा) जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी मामले में पत्थलगड्डा के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी तेजनारायण पंडित को पीआर बाण्ड पर 36 घंटे बाद विशेष गहन पूछताछ के बाद छोड़ा गया।जरुरत पड़ने पर पूछताछ के लिए सीआईडी के सामने उपस्थित होने तथा पूछताछ में सहयोग करने की शर्त पर बीएसओ को बाॅड पर छोड़ा गयाबीते सोमवार को सीआईडी की टीम ने बीएसओ तेजनारायण पंडित को लिया गया था हिरासत मेंजेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी के मामले में हिरासत में लिए गए पत्थलगड्डा के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी तेजनारायण पंडित को करीब 36 घंटे की पूछताछ के बाद सशर्त पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया गया है। सीआईडी की टीम ने उनसे सदर थाना में लगातार पूछताछ की। पूछताछ के बाद उन्हें इस शर्त पर छोड़ा गया कि जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर वह सीआईडी के समक्ष उपस्थित होंगे और जांच में पूरा सहयोग करेंगे। बीते सोमवार को सीआईडी की टीम ने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े मामले की जांच के क्रम में बीएसओ तेजनारायण पंडित को हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें चतरा सदर थाना लाया गया, जहां पिछले करीब दो दिनों से सीआईडी की टीम उनसे पूछताछ कर रही थी। परीक्षा में कथित अनियमितता से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर अधिकारियों ने उनसे जानकारी ली। बीएसओ को हिरासत में लिए जाने की सूचना मिलने के बाद उनके परिजन भी सदर थाना पहुंचे थे। परिजन लगातार उनके बारे में जानकारी लेते रहे। करीब 36 घंटे की पूछताछ के बाद जब सीआईडी ने उन्हें सशर्त पीआर बॉन्ड पर छोड़ा, तो वह परिजनों के साथ अपने घर चले गए। हालांकि पूछताछ के दौरान सीआईडी की ओर से उनसे क्या-क्या जानकारी हासिल की गई और मामले में उनकी भूमिका को लेकर जांच में क्या तथ्य सामने आए हैं, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
जरूरत पड़ने पर फिर बुलाया जा सकता है बीएसओ को
सशर्त पीआर बॉन्ड पर रिहाई का मतलब यह है कि जांच अभी समाप्त नहीं हुई है। सीआईडी को यदि आगे की जांच में बीएसओ तेजनारायण पंडित से दोबारा पूछताछ की आवश्यकता महसूस होती है, तो उन्हें जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित होना होगा। साथ ही उन्हें जांच में सहयोग करने की शर्त पर छोड़ा गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में मामले की जांच के दौरान उनसे दोबारा पूछताछ की संभावना बनी हुई है।
36 घंटे की पूछताछ के बाद मिली रिहाई से मिली राहत
बीएसओ के हिरासत में लिए जाने के बाद से ही उनके परिजन सदर थाना पहुंचकर उनकी रिहाई का इंतजार कर रहे थे। करीब 36 घंटे तक चली पूछताछ के बाद जब उन्हें पीआर बॉन्ड पर छोड़ा गया, तो परिजन उन्हें अपने साथ लेकर घर चले गए। दूसरी ओर जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच को लेकर सीआईडी की कार्रवाई आगे भी जारी रहने की संभावना है।

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