बिना जांच सलाइन चढ़ाने से युवती की गई जान

Crime Ek Sandesh Live

खस्ताहाल कमरे में चल रहे अवैध क्लिनिक को प्रशासन ने किया सील

अशोक अनन्त
चतरा: लावालौंग प्रखंड से एक और खौफनाक मामला सामने आ गया है। यहां झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज ने एक बेकसूर युवती की जिंदगी छीन ली।
लावालौंग के टिकुलिया गांव में मौत का यह नया खेल खेला गया। अचानक पेट दर्द और उल्टी होने पर मुनिता कुमारी को कथित डॉक्टर रविन्द्र विश्वकर्मा के पास ले जाया गया। मृतका की बहन सुनीता का सीधा आरोप है कि इस झोलाछाप ने बिना कोई मेडिकल जांच किए, मुनिता को सलाइन चढ़ाना शुरू कर दिया। आधी सलाइन चढ़ते ही मुनिता तड़पने लगी। बदहवास परिजन उसे तुरंत चतरा सदर सदर अस्पताल लेकर भागे, लेकिन रास्ते में ही उस मासूम ने दम तोड़ दिया। पिता के साये से पहले ही महरूम मुनिता की मौत से अब उसकी बूढ़ी मां परवतिया देवी और बहन का इकलौता सहारा भी छिन गया है। झोलाछाप डॉक्टर के क्लिनिक कोई अस्पताल नहीं, बल्कि एक कसाईखाना है! एक बिना प्लास्टर वाला खस्ताहाल कमरा। एक पुरानी सी टेबल जिस पर कुछ दवाइयां और उपकरण बिखरे पड़े हैं। और वहीं खड़ा मौत का वो सलाइन स्टैंड!
प्रशासन ने क्लिनिक सील कर सारा सामान जब्त कर लिया है।जब तक सिस्टम सिर्फ ‘सील’ करने की कागजी औपचारिकता से बाहर निकलकर इन झोलाछापों पर एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल नहीं भेजता, तब तक गरीब और लाचार लोग यूं ही मौत के मुंह में जाते रहेंगे। देखना होगा कि प्रशासन अब इस मामले में आगे कोई बड़ा कानूनी एक्शन लेता है या फिर यह फाइल भी धूल फांकने के लिए छोड़ दी जाएगी।

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