By Sunil
रांची। रांची जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी बैठक गुरुवार को कांग्रेस भवन में जिलाध्यक्ष सोमनाथ मुंडा की अध्यक्षता में हुई। बैठक दो मुख्य मुद्दों – खान एवं खनिज संशोधन अधिनियम/बिल 2026 और अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर के चंदे में कथित अनियमितता पर केंद्रित रही।बैठक में आगामी 7 सितंबर 2026 को झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा रांची में लोक भवन के समक्ष आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय धरना-प्रदर्शन की तैयारी और रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही नवनियुक्त जिला पदाधिकारियों का अभिनंदन किया गया।जिलाध्यक्ष सोमनाथ मुंडा ने कहा कि कांग्रेस केंद्र सरकार के टटऊफ संशोधन 2026 का विरोध कर रही है। उनका आरोप है कि यह संशोधन राज्यों, विशेषकर खनिज समृद्ध झारखंड के खनिजों पर सेस व उपकर लगाने के अधिकार को सीमित या समाप्त करता है। झारखंड को खनन राजस्व से महत्वपूर्ण आय होती है और इससे राज्य को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। इससे वित्तीय स्वायत्तता कमजोर होगी, संघीय ढांचे पर असर पड़ेगा और स्थानीय व आदिवासी समुदायों के अधिकार प्रभावित होंगे।ग्रामीण जिला प्रभारी रियाजुल अंसारी ने कहा कि कांग्रेस अयोध्या राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्र चंदे में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है। कई जगह सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग उठ रही है। इसे जनहित और जवाबदेही का मुद्दा बताया।बैठक में तय किया गया कि 7 सितंबर को रांची में लोक भवन के समक्ष राज्य स्तरीय महाधरना आयोजित होगा, जिसमें प्राकृतिक संसाधनों पर राज्य के अधिकार, वित्तीय स्वायत्तता और चंदा मामले में पारदर्शिता की मांग उठाई जाएगी। जिलाध्यक्ष ने निर्देश दिया कि 9 से 16 सितंबर के बीच सभी 18 प्रखंड मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया जाए। सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ग्रामीणों को संगठित कर अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में भागीदारी सुनिश्चित कराई जाए।बैठक में प्रदेश सचिव माधो कच्छप, मीडिया चेयरमैन एनुअल हक, सुरेश कुमार सिंह, सोशल मीडिया चेयरमैन जगदीश चंद्र महतो, सदन साहू, गुलजार अहमद, विश्राम महतो, राजेंद्र मुंडा, कमिश्नर मुंडा, हरिमोहन महतो, फारूक खान, संजर खान, शाहिद अहमद, दीपा उरांव, सुधा देवी, विक्टोरिया देवी, अब्दुल आलम, एतवा उरांव, विजय टोप्पो सहित सभी प्रखंड अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष और जिला कमेटी के पदाधिकारी मौजूद थे।
