Eksandeshlive Desk
काठमांडू: नेपाल के नुवाकोट जिले में बाढ़ में फंसी एक महिला को 11वें दिन सुरक्षित बाहर निकाला गया। सशस्त्र पुलिस बल की टीम ने शनिवार को नुवाकोट जिले के विदुर वेत्रावती स्थित एक घर से महिला का रेस्क्यू किया। सशस्त्र पुलिस बल के मुताबिक, रेस्क्यू की गई महिला की पहचान वेत्रावती निवासी 64 वर्षीय चण्डिका श्रेष्ठ के रूप में हुई है। उन्हें उनके ही घर की चौथी मंजिल से सुरक्षित बाहर निकाला गया। उनकी खराब हालत को देखते हुए हेलीकॉप्टर के जरिए इलाज के लिए काठमांडू भेजा गया जहां सैनिक अस्पताल में उनका इलाज किया जा रहा है।
नेपाल आपदा में मृतकों की संख्या 1,344 पहुंची, अब तक सिर्फ 96 शवों की पहचान: नेपाल में 26 अगस्त को विनाशकारी हिमस्खलन और अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। इस त्रासदी के दसवें दिन शनिवार को रसुवा समेत बाढ़ प्रभावित विभिन्न जिलों में अब तक 1,344 लोगों के शव मिलने की पुष्टि हुई है। नेपाल सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से शनिवार दोपहर 1 बजे जारी अपडेट के मुताबिक, रसुवा में 160, नुवाकोट में 192, धादिंग में 67, गोरखा में 73, तनहुँ में 38, नवलपरासी पूर्व में 222, नवलपरासी पश्चिम में 230 और चितवन में 360 लोगों के शव बरामद हुए। वहीं, काठमांडू में उपचार के दौरान 2 लोगों की मौत हुई है। अब तक मिले शवों में 269 महिलाएं, 489 पुरुष, 52 बालिकाएं और 33 बालक हैं। इसके अलावा 501 मानव अवशेष बरामद किए गए हैं। सरकार के मुताबिक, अबतक केवल 96 शवों की पहचान कर उन्हें परिजनों को सौंपा जा सका है। सरकारी अपडेट के अनुसार, बाढ़ और आपदा के बाद करीब 5,000 लोग अभी भी संपर्कविहीन हैं। इनमें रसुवा और नुवाकोट के नेपाली नागरिकों के साथ 589 विदेशी नागरिक तथा करीब 100 सुरक्षाकर्मी और कर्मचारी शामिल हैं। बचाव अभियान के तहत अबतक 13,089 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। नेपाल सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की ओर से लगातार खोज एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
नेपाल में आपदा प्रभावित 84 हजार लोगों के लिए संयुक्त राष्ट्र जुटाएगा 5 करोड़ डॉलर: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन से 84 हजार लोग प्रभावित हुए हैं और उन्हें तत्काल मानवीय सहायता की जरूरत है। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) और उसके सहयोगी संगठनों ने प्रभावित समुदायों तक जरूरी मदद पहुंचाने के लिए करीब 5 करोड़ अमेरिकी डॉलर जुटाने की अपील की है।संयुक्त राष्ट्र ने मानवीय सहायता के साझेदार संगठनों से यह राशि उपलब्ध कराने की अपील की है। भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई बाढ़ तथा भूस्खलन से प्रभावित 84 हजार से अधिक लोगों तक जीवनरक्षक सहायता पहुंचाने के लिए यह अपील की गई है। नेपाल में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के मुताबिक, यह सहायता राशि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नेतृत्व में नेपाल सरकार द्वारा तैयार की गई चार महीने की योजना को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने में इस्तेमाल की जाएगी। यह योजना सर्दी शुरू होने से पहले प्रभावित लोगों तक जरूरी सहायता पहुंचाने के लिए बनाई गई है।
प्रभावितों को जरूरी सहायता पहुंचाना प्राथमिकता: संयुक्त राष्ट्र और उसके मानवीय सहायता साझेदार संगठन नेपाल सरकार द्वारा संचालित बचाव और राहत अभियान के साथ समन्वय करते हुए काम कर रहे हैं। नेपाल में संयुक्त राष्ट्र की आवासीय समन्वयक लीला पीटर्स याहिया ने एक बयान जारी करते हुए बताया कि इस सहायता अपील की मुख्य प्राथमिकता सरकार के नेतृत्व में सर्दी शुरू होने से पहले सबसे दुर्गम बस्तियों तक आश्रय, चिकित्सा सुविधा, स्वच्छ पानी और नकद सहायता पहुंचाना है। संयुक्त राष्ट्र ने बताया कि इस सहायता के जरिए सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में लोगों तक नकद सहायता, भोजन, आश्रय, स्वच्छ पानी, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य जीवनरक्षक सामग्री पहुंचाई जाएगी। यूएन और उसके साझेदार नेपाल सरकार के साथ समन्वय कर आपदा प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाने के प्रयास में जुटे हैं। विशेष रूप से सबसे ज्यादा तबाह और दुर्गम समुदायों तक जरूरी सहायता पहुंचाना इस अभियान की प्राथमिकता है।
