Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को 20वें रोजगार मेले के दौरान विभिन्न सरकारी संगठनों में नवनियुक्त 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। प्रधानमंत्री दोपहर 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नियुक्ति पत्र प्रदान करने के साथ नवनियुक्त अभ्यर्थियों को संबोधित भी करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, रोजगार मेले का आयोजन देशभर में 45 स्थानों पर किया जाएगा। इस दौरान नियुक्त होने वाले युवा केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में कार्यभार संभालेंगे। इनमें राजस्व विभाग, रेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग और रक्षा मंत्रालय सहित अन्य विभाग शामिल हैं। सरकार के अनुसार, रोजगार मेला युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा उन्हें देश के विकास में अधिक भागीदारी का अवसर देने की दिशा में निरंतर प्रयास का हिस्सा है। 20वें रोजगार मेले के साथ ही विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में अब तक करीब 12.75 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके होंगे।
प्रधानमंत्री शनिवार को पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता के भविष्य पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को विज्ञान भवन में ‘पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य’ विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। दो दिवसीय यह सम्मेलन 19 एवं 20 सितंबर को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की ओर से आयोजित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, सम्मेलन में पर्यावरण और जलवायु से जुड़ी महत्वपूर्ण चुनौतियों पर विचार-विमर्श के साथ पर्यावरणीय शासन व्यवस्था को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा होगी। इसमें भारत के उच्चतम न्यायालय और विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों, जिला न्यायालयों के न्यायाधीशों, विभिन्न मंत्रालयों के सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों सहित पर्यावरण विशेषज्ञ तथा अन्य संबंधित पक्ष हिस्सा लेंगे। सम्मेलन में 17 देशों के प्रतिष्ठित न्यायाधीशों और न्यायिक प्रतिनिधियों की भी भागीदारी होगी। इसके अलावा राज्य न्यायिक अकादमियों, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों, राज्य विशेषज्ञ मूल्यांकन समितियों (एसईएसी), राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरणों (एसईआईएए) और राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरणों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। सम्मेलन में विभिन्न देशों और संस्थानों के बीच न्यायिक दृष्टिकोण, वैज्ञानिक ज्ञान, पर्यावरणीय शासन की प्रक्रियाओं तथा संस्थागत अनुभवों का आदान-प्रदान किया जाएगा। साथ ही नीति निर्माण, उसके क्रियान्वयन और प्रवर्तन में मौजूद कमियों तथा पर्यावरण एवं जलवायु संबंधी चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी। सम्मेलन का उद्देश्य पर्यावरणीय शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के साथ विभिन्न संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करने के उपाय तलाशना भी है।
