Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली : राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पुनर्परीक्षा को लेकर एक छात्र को एडमिट कार्ड में गलत परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस घटना को लेकर राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) पर गंभीर सवाल उठाए हैं और इसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है। हालांकि एनटीए एक अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र के रूप में अबू धाबी आवंटित किए जाने को लेकर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि परीक्षा शहर में बदलाव उम्मीदवार के स्वयं के पंजीकृत लॉगिन के माध्यम से किया गया था और एजेंसी के रिकॉर्ड में एक ही उपयोगकर्ता द्वारा लगातार एक्सेस किए जाने का पैटर्न दर्ज है।
वर्तमान व्यवस्था छात्रों के भविष्य, समय और मानसिक शांति के साथ “खेल” कर रही है : राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि नागपुर के एक छात्र को पुनर्परीक्षा के लिए जारी एडमिट कार्ड में अबू धाबी स्थित परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया, जबकि छात्र के पास पासपोर्ट नहीं है और उसके परिवार के पास विदेश जाकर परीक्षा देने के लिए आवश्यक आर्थिक संसाधन भी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा तिथि के बेहद नजदीक होने के कारण छात्र के पास इस गलती को सुधारने के लिए पर्याप्त समय भी नहीं बचा। राहुल गांधी के अनुसार, इस गंभीर प्रशासनिक त्रुटि के चलते छात्र मानसिक तनाव में आ गया और पूरी रात रोता रहा, जिसके बाद उसने परीक्षा में शामिल होने से ही इनकार कर दिया। कांग्रेस नेता ने कहा कि यह स्थिति देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था छात्रों के भविष्य, समय और मानसिक शांति के साथ “खेल” कर रही है और इसे तत्काल सुधारे जाने की आवश्यकता है। राहुल गांधी ने कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ इस प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है और उन्हें एक अधिक संवेदनशील, जिम्मेदार एवं जवाबदेह परीक्षा प्रणाली की आवश्यकता है। उल्लेखनीय है कि मामला सामने आने के बाद राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि उचित सत्यापन के बाद संबंधित उम्मीदवार को नागपुर में ही परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाएगा और नया एडमिट कार्ड जारी कर दिया जाएगा। एनटीए ने बताया कि संबंधित छात्र अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब को तकनीकी त्रुटि के कारण गलत तरीके से अबू धाबी का परीक्षा केंद्र आवंटित हो गया था, जिसे सुधारने की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी गई है।
अबू धाबी परीक्षा केंद्र आवंटन पर एनटीए ने कहा- उम्मीदवार के लॉगिन से ही किया गया था शहर परिवर्तन : एनटीए ने कहा कि 21 जून को निर्धारित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) 2026 की परीक्षा के पुनर्निर्धारण के बाद अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए परीक्षा शहर संशोधन (सिटी करेक्शन) विंडो दोबारा खोली गई थी। इस दौरान लगभग 3.2 लाख अभ्यर्थियों ने अपने परीक्षा शहर में संशोधन किया और उनमें से 99.5 प्रतिशत से अधिक को उनकी पसंद का परीक्षा शहर आवंटित किया गया। एजेंसी के अनुसार संबंधित मामले में ‘अबू धाबी’ परीक्षा केंद्र का चयन अभ्यर्थी के पंजीकृत लॉगिन से ही किया गया था। वेब गतिविधि रिकॉर्ड से यह भी स्पष्ट होता है कि संशोधन प्रक्रिया के दौरान एक ही उपयोगकर्ता द्वारा लगातार लॉगिन और एक्सेस किया गया। एनटीए ने बताया कि उसके रिकॉर्ड के अनुसार तीन अलग-अलग अवसरों पर अबू धाबी केंद्र से संबंधित गतिविधि दर्ज की गई। एक बार अभ्यर्थी के क्रेडेंशियल्स का उपयोग कर परीक्षा केंद्र को अबू धाबी में बदला गया, जबकि दो अन्य अवसरों पर उम्मीदवार ने यह पूर्वावलोकन (प्रीव्यू) भी देखा कि उसका परीक्षा केंद्र अबू धाबी दर्शाया जा रहा है। इसके बावजूद एजेंसी को 19 जून की शाम परीक्षा से केवल 48 घंटे पहले केंद्र को नागपुर में बदलने का एक अनौपचारिक अनुरोध प्राप्त हुआ। एनटीए ने कहा कि अनुरोध मिलते ही उसके अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और उसी शाम अभ्यर्थी के पिता से संपर्क कर औपचारिक प्रक्रिया पूरी कराने में सहायता प्रदान की। एजेंसी ने कहा कि अभ्यर्थी के अनुरोध को स्वीकार करते हुए परीक्षा केंद्र परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी की गई, ताकि उम्मीदवार को परीक्षा में शामिल होने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
