रांची। झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए रिम्स में ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में गुरुवार को रिम्स की 66 वीं गवर्निंग बॉडी की बैठक हुई, जिसमें संस्थान के समग्र विकास के लिए 16 एजेंडों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में करीब 466 करोड़ रुपये की विकास योजना पर सहमति बनी है, जिससे रिम्स परिसर, भवनों, छात्रावासों और आवासीय सुविधाओं का आधुनिकीकरण किया जाएगा। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि रिम्स झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ है और यहां आने वाले हर मरीज को सम्मान और बेहतर इलाज मिलना चाहिए।बैठक का सबसे बड़ा निर्णय 10 नए विभागों की स्थापना को लेकर है। रिम्स में मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, एंडोक्राइनोलॉजी, क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी एवं रूमेटोलॉजी, क्लिनिकल हेमेटोलॉजी, कार्डियक एनेस्थीसिया, न्यूरो एनेस्थीसिया, इमरजेंसी मेडिसिन, मेडिकल जेनेटिक्स, न्यूक्लियर मेडिसिन और हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन विभाग स्थापित किए जाएंगे। इन विभागों से गंभीर और जटिल बीमारियों का इलाज रांची में ही संभव होगा और मरीजों को दूसरे राज्यों में जाने की मजबूरी कम होगी। चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को भी इनसे बड़ी मजबूती मिलेगी।चिकित्सा शिक्षा के विस्तार पर भी विशेष जोर दिया गया। वर्तमान में पीजी की 250 सीटों के मुकाबले अब पीजी की सीटें 176 से बढ़ाकर 256 और सुपर स्पेशियलिटी की सीटें 11 से बढ़ाकर 150 करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। फैकल्टी के पदों को भी 319 से बढ़ाकर 335 करने का निर्णय लिया गया है, जबकि नॉन-टीचिंग पदों का पुनर्गठन किया जाएगा। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए पीजी और सीनियर रेजिडेंट के लिए पीपी मॉडल पर छात्रावास बनाने की योजना है, जिसका प्राक्कलन तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। गंभीर मरीजों की देखभाल के लिए 200 से अधिक वेंटिलेटर उपलब्ध कराने, अल्ट्रासाउंड, इको और एक्स-रे जैसी जांच सुविधाओं को बढ़ाने और आधुनिक चिकित्सा तकनीक अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।मानव संसाधन को मजबूत करने के लिए 106 नए नर्स पद सृजित करने और 12 हॉस्पिटल मैनेजर नियुक्त करने की पहल की गई है। इसके अलावा आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभुकों की सहायता के लिए 100 आयुष्मान मित्रों की नियुक्ति का निर्देश दिया गया है और 15 दिनों के भीतर इसका विज्ञापन जारी करने को कहा गया है। मरीज सुविधाओं के तहत आधुनिक बर्न वार्ड विकसित करने, लिफ्ट व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने और जरूरतमंद परिवारों के लिए मोक्ष वाहन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए चरणबद्ध तरीके से होमगार्ड की संख्या कम कर एसएपी जवानों की तैनाती की जाएगी। पहले चरण में 100 होमगार्ड हटाए जाएंगे और अस्पताल में पास व्यवस्था लागू की जाएगी।अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि रिम्स को राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था का मजबूत बैकअप बनाना जरूरी है ताकि गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार मिले और अन्य अस्पतालों पर दबाव कम हो। उन्होंने कहा कि शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अनुशासन और समन्वय के साथ काम करना होगा। बैठक से पहले जामताड़ा में पीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज के लिए आशय पत्र भी जारी किया गया, जिससे उस क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा। मंत्री ने अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई और लंबित योजनाओं को गति देने का निर्देश दिया।
