By Mustaffa
मेसरा (रांची): ओरमांझी थाना क्षेत्र के ग्राम इरबा स्थित एसएफके कपड़ा फैक्ट्री में कार्यरत झारखंड के विभिन्न जिलों के कामगार मजदूरों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। लगातार दो महीने से वेतन न मिलने के कारण आसपास किराए के मकानों में रहने वाले मजदूरों के समक्ष भुखमरी और गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया था,जिससे तंग होकर कर्मियों ने काम ठप कर जोरदार हड़ताल कर दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक व स्थानीय स्तर पर त्रिपक्षीय वार्ता हुई। शनिवार को मजदूरों और जेएलकेएम नेताओं के आंदोलन के पश्चात कंपनी प्रबंधन के साथ लंबी चर्चा हुई,जिसके बाद आपसी सहमति से हड़ताल को स्थगित कर दिया गया। समझौते की मुख्य शर्तें,सभी मजदूरों का संपूर्ण बकाया वेतन 4 से 5 नवंबर तक भुगतान कर दिया जाएगा,जबकि अक्टूबर माह का पेमेंट 15 नवंबर तक किया जाएगा। एक महीने के अंदर सभी कर्मियों को जॉइनिंग लेटर,पहचान पत्र,पे-स्लिप,ईएसआई और पीएफ की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साप्ताहिक छुट्टी दी जाएगी तथा छुट्टी के दिन कार्य करने पर डबल हाजिरी दी जाएगी। आंदोलन के दौरान तोड़ा गया एक बहन का मोबाइल एक महीने के अंदर खरीद दिया जाएगा। श्रम विभाग द्वारा तय नियमों के अनुसार प्रमोशन किया जाएगा। किसी भी आंदोलनकारी सहकर्मी को चिह्नित कर किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाएगी। समझौते के बाद फिलहाल हड़ताल समाप्त करा दी गई है,लेकिन जेएलकेएम नेता देवेन्द्र नाथ महतो,गजेंद्र महतो एवं अन्य आंदोलनकारियों ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि समझौते के बावजूद तय समय सीमा के भीतर मजदूरों को उनका हक नहीं मिला,तो फिर बड़ा एवं उग्र आंदोलन किया जाएगा,जिसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी। इस त्रिपक्षीय समझौते के दौरान प्रबंधन की ओर से अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के साथ-साथ आंदोलनकारियों की तरफ से देवेन्द्र नाथ महतो,गजेंद्र महतो और अन्य श्रमिक साथी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
