Eksandeshlive Desk
गाजियाबाद: समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान को गाजियाबाद की विशेष प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) अदालत ने रविवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने उन्हें अदालत में पेश किया था। इस दौरान पत्रकारों ने जब आजम खान से पूछा कि क्या वह इस मामले में कुछ कहना चाहेंगे, तो उन्होंने निराशा और बेबसी भरे अंदाज में कहा, ”अब क्या है, बोलने के लिए।” इस बीच सपा के कई नेता भी अदालत परिसर पहुंचे।
दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय से जमानत मिलने के बाद शनिवार शाम रामपुर जेल से रिहा होते ही ईडी ने आजम खान को हिरासत में ले लिया था। रविवार को उन्हें पीएमएलए अदालत में पेश किया गया। यह मामला मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय और उससे जुड़े जौहर ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं तथा मनी लॉन्ड्रिंग की जांच से संबंधित है। ईडी विश्वविद्यालय की करोड़ों रुपये की संपत्ति पहले ही अटैच कर चुकी है। एजेंसी इस मामले में पूछताछ के लिए आजम खान की कस्टडी रिमांड मांग रही थी। हालांकि, अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इसके बाद उन्हें गाजियाबाद की डासना जेल भेज दिया गया। इस घटनाक्रम पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने सत्ता पक्ष पर राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।
