Eksandeshlive Desk
पश्चिमी सिंहभूम : पश्चिमी सिंहभूम जिले में हो भाषा के सम्मान और अधिकार की लड़ाई रंग लाने लगी है। हाल ही में 11 सितंबर 2025 को आयोजित हो भाषा सम्मान अधिकार रैली के सकारात्मक असर के रूप में रविवार को घाघरा रेलवे स्टेशन पर स्टेशन का नाम एक बार फिर से हो’ भाषा में ब्हारङ्ग चिति लिपि में अंकित किया गया। इस कदम से स्थानीय हो समाज में गर्व और खुशी का माहौल है। आदिवासी हो समाज महासभा के सदस्य पातोर जोंको ने इस उपलब्धि को लंबे संघर्ष और सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। हालांकि, महासभा ने स्पष्ट किया कि जब तक रैली में उठाई गई अन्य मांगों को सरकार पूरी नहीं करती, तब तक यह संतोष अधूरा रहेगा।
रैली की समीक्षा को लेकर रविवार को एक बैठक आयोजित हुई। इसमें आगामी लको बोदरा जयंती कार्यक्रम की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। महासभा के केंद्रीय अध्यक्ष कृष्ण चंद्र बोदरा ने बताया कि इस वर्ष का आयोजन पूरी तरह हो’ भाषा के संरक्षण और संवर्धन को समर्पित होगा। उन्होंने आगे की रणनीति और गतिविधियों को लेकर कई सुझाव दिए। बैठक में निर्णय लिया गया कि मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन तैयार कर भेजा जाएगा और इसके समर्थन में क्षेत्र के विधायकों और मंत्रियों से अनुशंसा पत्र लेने की योजना बनाई जाएगी। बैठक में केंद्रीय उपाध्यक्ष नरेश देवगम, पातोर जोंको, मनोज चाम्पिया, अशोक कुमार बान्दा, गणेश बोदरा, उदय चेरोवा, मरसल गुड़िया, मुरलीधर बोदरा, मलकेन्द्र अंगरिया, गुरेश बान्दा सहित कई पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।
