अखिल भारतीय साहित्य परिषद जिला रांची इकाई की काव्य गोष्ठी सम्पन्न

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आत्मबोध से विश्वबोध विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय

VERSHA

रांची: अखिल भारतीय साहित्य परिषद, जिला रांची इकाई के तत्वावधान में प्रेस क्लब रांची के सभागार में कार्यकारिणी विशेष बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर रांची महानगर की अध्यक्षा डॉ. राजश्री जयंती तथा महामंत्री विशाल कुमार सिंह मुख्य रूप से उपस्थित थे।
कार्यक्रम में प्रदेश स्तर से पधारे पदाधिकारियों एवं अतिथियों में डॉ. प्रशांत कर्ण, इंद्रजीत यादव, चंदन प्रजापति, विजय प्रकाश सहित अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को बढ़ाया। बैठक में परिषद के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। बैठक को संबोधित करते हुए प्रांतीय महामंत्री विजय प्रकाश ने परिषद के उद्देश्य के विषय पर प्रकाश डालते हुए आगामी कार्यक्रमों के विषय में जानकारी दिये। बैठक में परिषद द्वारा आत्मबोध से विश्व बोध विषय पर कार्यक्रम आयोजित करने के संबंध में प्रस्ताव को सर्व समिति से पारित किया गया। प्रांतीय अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह की अस्वस्थता के कारण प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रशांत कर्ण को बनाया गया।
आगामी कार्यक्रम की सफलता को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। सर्वसम्मति से यह तय किया गया कि परिषद द्वारा प्रस्तावित “आत्मबोध से विश्वबोध” विषय पर व्यापक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके सफल क्रियान्वयन हेतु विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई तथा विभिन्न दायित्वों का निर्वहन व निर्धारण सही तरीके से हो इसके लिए संयोजक और उप संयोजक का चयन किया गया। कार्यकारिणी बैठक के उपरांत प्रांत के साहित्यकारों व कलमकारों ने काव्य-पाठ किया। कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संचालन पुष्पा सहायक डिग्री द्वारा किया गया।
मौके पर प्रमुख रूप से डॉ. राजश्री जयंती, रूणा रश्मि ‘दीप्त’, विभा वर्मा “वाची”, अर्पणा सिंह “अर्पी”, ऋतुराज वर्षा, संगीता वर्मा, असीत कुमार, रेणु बाला धार, पुष्पा सहाय, सुनीता अग्रवाल, निर्मला कर्ण, कल्पना दास, डॉ. अंजेश कुमार एवं सुनीता श्रीवास्तव ‘जागृति’ सहित अन्य रचनाकारों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुत दी।
अंत में आयोजकों द्वारा सभी प्रतिभागियों एवं अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। गुरु पूर्णिमा पर एक विशेष कार्यक्रम रांची के हरमू में आयोजित करना निश्चित किया गया। भविष्य में भी इस प्रकार के साहित्यिक कार्यक्रमों के आयोजन को निरंतर जारी रखने का संकल्प भी लिया गया। कार्यक्रम के अंत में साहित्यकार निर्मल कारण ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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