Eksandeshlive Desk
रांची : अखिल भारतीय साहित्य परिषद की रांची महानगर इकाई के तत्वावधान में नवनिर्मित कार्यकारिणी की प्रथम बैठक लालपुर स्थित सिटी पैलेस में आयोजित की गई। प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार सिंह ने परिषद की विषयवस्तु, उद्देश्य और लक्ष्य की चर्चा की। उन्होंने समय के महत्व को इंगित करते हुए कहा कि परिषद की बैठक समय से प्रारंभ हो और अंत हो। यही सबसे बड़ी बात होनी चाहिए। समय बहुमूल्य होता है। प्रखंड इकाई के निर्माण के साथ ही बुनियादी कार्यों में संतुलन एवं विस्तार का परिचयात्मक वर्णन किया गया। इसके साथ ही परिषद के तपस्वीजनों के पुस्तकों का अध्ययन करने को प्रोत्साहित किया गया। इकाई के निर्देशन में नियमित कार्य करने की सीख, संपर्क संवाद और परिचय के द्वारा कार्य व्यवस्था को जोड़ने पर बल, परिषद के द्वारा कुटुंब प्रबंधन और साहित्य के द्वारा कर्तव्य निर्माण के लिए साहित्य से जुड़ने और हर घर तक पहुंचने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि संस्था में भाव की अभिव्यक्ति महत्वपूर्ण है, पद का कोई मूल्य नहीं, सक्रिय व्यक्ति महत्वपूर्ण है। परिषद समाज के लिए उपयोगी भाव के साथ योजनाएं बनाएं और बैठक के पूर्व विषय का निर्धारण करें।
डॉ. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि रांची महानगर इकाई पर परिषद को पूर्ण विश्वास है, डॉ. राजश्री जयंती की अध्यक्षता में परिषद इकाई अपने लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करेगा। 27-28 दिसंबर को अखिल भारतीय साहित्य परिषद का राष्ट्रीय अधिवेशन रांची में ही आयोजित होने वाला है, जिसका विषय सामाजिक समरसता है। प्रांतीय महामंत्री डॉ. विजय प्रकाश ने बैठक का संचालन करते हुए परिषद् के गठन और उद्देश्य पर प्रकाश डाला तथा सभी सदस्यों का परिचय प्राप्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. राजश्री जयंती (अध्यक्ष रांची महानगर इकाई, समाजसेविका तथा भाजपा नेत्री) ने की। स्वागत संबोधन में करते हुए उन्होंने प्रांतीय अधिकारियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि रांची इकाई के प्रति हमें पूर्ण विश्वास है। कार्यकारिणी के हम सभी सदस्य मिलकर जिम्मेदारी का निर्वाहन करेंगे। जिला महामंत्री विशाल कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया। बैठक में प्रांतीय मंत्री इन्द्रजीत सिंह यादव, संरक्षक विजय राजगढ़िया व निर्मला कर्ण के साथ डॉ ममता मनीष सिन्हा, ऋतुराज वर्षा, डॉ अंजेश कुमार, डॉ. आशुतोष प्रसाद, असित सेन, शालिनी नायक, अजय नंदन, रेनू झा, रेनूबाला धार, विभा वर्मा, रंजना वर्मा, रूणा रश्मि, संगीता वर्मा, पी पी पाठक, सृष्टि श्रीवास्तव रेनू झा रेणुका, अमन प्रियदर्शी, आयुष सिन्हा, वीरेंद्र सिंह, स्मिता, आनंद रौशन, अर्पणा सिंह व अन्य साहित्यकारों की उपस्थिति रही।
