Ranchi भाजपा किसान मोर्चा झारखंड प्रदेश के नेता और झारखंड राज्य सामाजकल्याण आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ के संयोजक जय प्रकाश पांडेय ने रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध धधकते हुए बढ़ते खतरे तीसरे विशुद्ध की ओर बढ़ती हुई नजर आ रहा है,अब अंतरिक्ष से आग बरसाए जा रहे है,समस्त यूरोपीय राष्ट्र अब खतरे में दिखाई देने लगे है,युद्ध पूर्ण रूप से ड्रोन से लड़े जा रहे है।पुतिन का प्रण संपूर्ण विनाश,भयानक स्थिति पैदा कर रही है,जिससे पूरी दुनिया में हड़कंप मचा हुआ है, रूसी राष्ट्रपति पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप के साथ कई दौर की शांति वार्ता विफल हो रही है,भारत शांति व्यस्था स्थापित करने के लिए पहल कर रहा है,परंतु रिजल्ट स्पष्ट निकलता दिखाई नहीं दे रहा है,भारत में रूसी राष्ट्रपति पुतिन दौरे के समय शांति स्थापित करने पर वार्ता भी सफल होती दिखाई नहीं पड़ रहा है, वर्तमान युद्ध वास्तव में यूरोपियन देशों के सहयोग से यूक्रेन युद्ध लड़ रहा है,नहीं तो यूक्रेन को अगभग 04 वर्षों तक युद्ध लड़नेवाला साहस संभव नहीं था वास्तव में यह युद्ध यूरोप के सहयोग से ही लड़ा जा रहा है,जिसे रूस अच्छी तरह समझ रहा है,रूस और यूक्रेन के कई भाग धीरे धीरे नष्ट होते जा रहे है और यूरोपिय देश मजबूरी में यूक्रेन को युद्ध में सहयोग कर रहे है,क्योंकि यदि यूक्रेन हारा तो सीधे युद्ध का प्रभाव यूरोपीय देशों के क्षेत्रों पर पड़ना तय है,। रूस के परमाणु तैयारी से पूरा विश्व खतरे में पड़ता नजर आने लगा है,रुसबके कई क्षेत्र पनडुब्बी,फैक्ट्रियां ,शस्त्र फैक्ट्रियां और पेट्रोलियम को यूक्रेन ने नष्ट कर दिया है,जिसके कारण रूसी राष्ट्रपति क्रोधितभों गए है,तो हम सभी जानते है एमएलएम कि मारता क्या नहीं करता,जापान के हिरोशिमा और नागासाकी में 1945 में अमेरिका द्वारा गिराए गए परमाणु बमों के विस्फोट के दृश्य को जनता महसूस कर चुकी है ,यदि आज वर्तमान समय में परमाणु बमों के हमले हुए तो वैज्ञानिकों के कथनानुसार पूरी धरती को एक बार नहीं दस बार नष्ट किया जा सकता है पूरी दुनिया में इतना परमाणु बम बनकर आज तैयार है।परमाणु बम का प्रयोग परमाणु वैज्ञानिकों के अनुसार इतना खतरनाक है कि करोड़ों लोगों की मौत पलक झपकते ही सकती है, पर गाढ़े गए लोहे के पोल गलकर पिघल जाएंगे ,इतना तापक्रम धरती का बढ़ जायेगा और जो लोग सागको या घरों में बच जाएंगे वे लुल्ला,लंगड़ा हो जाएंगे और कई लोग विभिन्न प्रकार के बिमारियों से ग्रसित हो जाएंगे और मौसम भी प्रभावित हो जाएंगे कई वर्षों तक सूर्योदय नहीं होगा और सभी पेड़ पौधे सुख जाएंगे और ,अधिकांश लोग भोजन और पानी के आभाव में दम तोड़ देंगे।क्यों कि पानी और भोजन ही नहीं मिलेंगे और मिलेंगे तो भी भोजन बनाने वाला अन्न भी दूषित हो जाएंगे। दुनिया के देशों को मिलकर शांति स्थापित कराने का प्रयास तेज करना चाहिए ताकि दुनिया में शांति स्थापित किया जा सके और शांति स्थापित करने ने अहम भूमिका भारत की ही होगी।शांति स्थापित करने के लिए भारत को पहल तेज करने की जरूरत समय की मांग है ताकि मानवता की रक्षा की जा सके।
