sunil verma
रांची : बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती तथा झारखंड स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की शुरूआत में बिरसा मुंडा की समाधि पर पुष्प अर्पित की गयी। इसके साथ ही विवि के शिक्षक, कर्मियों व विद्यार्थियों ने पदयात्रा कर भगवान बिरसा मुंडा को स्मरण किया गया। उसके उपरांत कॉलेज आॅफ एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग से भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा तक शोभायात्रा निकाली गई। विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्य अतिथि डॉ. प्रकाश चन्द्र उरांव ने छात्रों से आग्रह किया कि वे भगवान बिरसा मुंडा के जन्मस्थल अवश्य जाएँ, जहाँ उनके जीवन-संघर्ष, रहन-सहन तथा ऐतिहासिक योगदान से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने बिरसा मुंडा की जीवनी पर विस्तृत चर्चा की तथा कुलपति से विश्वविद्यालय में औषधीय पौधों के विस्तार हेतु विशेष पहल करने का अनुरोध किया। कुलपति, डॉ. सुनील चन्द्र दुबे ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की त्याग-भावना, संघर्षशीलता तथा प्रकृति-पूजक सांस्कृतिक मूल्यों को अपने शैक्षणिक तथा अनुसंधान कार्यों में आत्मसात करने के लिए संकल्पित है। धार्मिक एवं सामाजिक जागृति को समाज में बढ़ावा देने की दिशा में विश्वविद्यालय निरंतर कार्यरत है। राज्य के विभिन्न जिलों में आयुर्वेदिक प्लांटेशन हेतु नर्सरी विकसित की जा रही है। साथ ही ब्राउन गोंडा धान पर नवीन शोध कर नई प्रजाति विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। कृषि विकास, ग्रामीण समृद्धि तथा जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण के प्रति विश्वविद्यालय पूर्णत: प्रतिबद्ध है। युवाओं से राज्य की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न संकायों एवं विभागों द्वारा ट्राइबल कल्चर एवं हेरिटेज पर विशेष व्याख्यान, महिलाओं की शिक्षा एवं सामाजिक सशक्तिकरण पर परिचर्चा, बिर्साइट आंदोलन एवं स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय नायकों की भूमिका पर प्रदर्शनी, थीम-आधारित पोस्टर एवं मॉडल प्रदर्शन प्रतिभागी छात्रों को पुरस्कार वितरण का आयोजन किया गया।
