AJAY KUMAR JAISWAL
रांची: आधुनिक जीवनशैली, मानसिक तनाव, अनियमित खान-पान और अत्यधिक नमक के सेवन के कारण आज हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। यह बीमारी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। समय पर जांच और उपचार नहीं होने पर यह जानलेवा भी साबित हो सकती है। इसलिए इसे कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।
विश्व हाइपरटेंशन दिवस की पूर्व संध्या पर मेदांता अस्पताल, रांची के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. मुकेश अग्रवाल एवं सीनियर कंसल्टेंट डॉ. विनीत कुमार ने कहा कि हाइपरटेंशन एक ऐसी स्थिति है, जिसमें रक्तचाप सामान्य स्तर से अधिक हो जाता है। इससे रक्त वाहिकाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और हृदय, मस्तिष्क, किडनी तथा आंखों सहित शरीर के कई महत्वपूर्ण अंग प्रभावित होते हैं।
उन्होंने कहा कि हाई ब्लड प्रेशर को “साइलेंट किलर” कहा जाता है क्योंकि शुरुआती चरण में इसके कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। धीरे-धीरे यह शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचाने लगता है। कई बार मरीज को इसकी जानकारी तब होती है जब स्ट्रोक, हार्ट अटैक, सांस फूलना, लकवा, किडनी रोग या आंखों की गंभीर समस्या जैसी जटिलताएं सामने आती हैं। इसलिए नियमित बीपी जांच बेहद जरूरी है।
डॉक्टरों ने बताया कि हृदय रोगियों के लिए ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना अत्यंत आवश्यक है। समय पर जांच और सही उपचार से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। वर्तमान में ब्लड प्रेशर की प्रभावी दवाएं उपलब्ध हैं, जो अधिक महंगी भी नहीं हैं। दवाओं का नियमित सेवन और डॉक्टर की सलाह का पालन करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया कि सामान्यतः स्वस्थ व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 130/80 तक माना जाता है। यदि जीवनशैली और खान-पान में सुधार के बावजूद बीपी लगातार 140/90 या उससे अधिक बना रहता है, तो नियमित दवा की आवश्यकता पड़ सकती है।
हाई ब्लड प्रेशर से बचाव के लिए डॉक्टरों ने कम नमक का सेवन, जंक फूड और अत्यधिक तैलीय भोजन से परहेज, नियमित व्यायाम, योग एवं प्राणायाम, तनाव से दूरी और संतुलित आहार अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि फलों और पोटैशियम युक्त खाद्य पदार्थों जैसे नारियल पानी, नींबू और संतरा का सेवन लाभकारी होता है।
मेदांता अस्पताल, रांची के अस्पताल निदेशक विश्वजीत कुमार ने कहा कि अस्पताल में हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों की जांच और इलाज की बेहतर सुविधा उपलब्ध है। यहां अनुभवी डॉक्टरों की टीम मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श और उन्नत उपचार प्रदान कर रही है। बीपी से संबंधित किसी भी समस्या के लिए मरीज मेदांता रांची की ओपीडी में आकर विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श ले सकते हैं।
