By Mustaffa
मेसरा (राँची): भगवान बिरसा जैविक उद्यान (ओरमांझी) से एक बेहद भावुक करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के सबसे बुजुर्ग और पर्यटकों के चहेते नर तेंदुए,जिसका नाम मिर्जा था,की बीती रात (15 मई 2026) मौत हो गई। मिर्जा करीब 24 साल का था,जो तेंदुओं की औसत उम्र के लिहाज से काफी लंबा जीवन जीकर गया। पार्क प्रशासन के मुताबिक,मिर्जा पिछले कुछ समय से उम्र से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहा था। अधिक उम्र होने के कारण वह काफी कमजोर हो गया था और उसे चलने-फिरने में भी भारी असमर्थता हो रही थी। बीते पाँच दिनों से उसने खाना-पीना भी बेहद कम कर दिया था। हालांकि,जू के पशु चिकित्सा अधिकारियों की टीम लगातार उसकी सेहत पर नजर रखे हुए थी और उसका नियमित इलाज किया जा रहा था,लेकिन बढ़ती उम्र के आगे उसकी सांसे आखिरकार थम गईं। बता दें कि तेंदुए (मिर्जा) को वर्ष 2018 में असम राज्य चिड़ियाघर से एक पशु आदान-प्रदान (एनिमल एक्सचेंज) योजना के तहत राँची के भगवान बिरसा जैविक उद्यान लाया गया था। तब से वह इस पार्क की शान बना हुआ था और यहाँ आने वाले पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र था। मिर्जा की मौत के बाद उसका अंत्य-परीक्षण (पोस्टमार्टम) राँची पशु चिकित्सा महाविद्यालय के पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. एमके गुप्ता के नेतृत्व में गठित एक तीन सदस्यीय विशेषज्ञ टीम द्वारा किया गया। शुरुआती जांच रिपोर्ट: प्राथमिक तौर पर मौत की वजह अधिक उम्र के कारण शरीर के पिछले हिस्से में लकवा मारना बताया जा रहा है। हालांकि,मौत के पुख्ता कारणों की विस्तृत जांच के लिए शव के विभिन्न अंगों के नमूने एकत्रित कर राँची पशु चिकित्सा महाविद्यालय भेजे गए हैं। इस दुखद घड़ी में पोस्टमार्टम के दौरान जैविक उद्यान के तमाम वरिष्ठ अधिकारी,कर्मचारी और जू कर्मी मौजूद रहे,जिन्होंने नम आंखों से मिर्जा को अंतिम विदाई दी।
