बलूचिस्तान में पाकिस्तान की सेना पर हमला, छह सैनिक मारे गए

INTERNATIONAL

Eksandeshlive Desk

इस्लामाबाद : पाकिस्तान के बलूचिस्तान के ग्वादर शहर में रविवार रात एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) विस्फोट में पाकिस्तान की सेना के छह सैनिक मारे गए। आईईडी हमला ग्वादर शहर के न्यू टाउन इलाके में हुआ। अज्ञात हमलावरों ने पाकिस्तान की सेना की टुकड़ी में शामिल एक वाहन को निशाना बनाया। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि विस्फोट में वाहन पूरी तरह से नष्ट हो गया और सोमवार सुबह करीब 10 बजे घटनास्थल से अवशेष हटा दिए गए। द बलूचिस्तान पोस्ट ने घटना का विवरण जारी करते हुए खबर में कहा कि पाकिस्तान के अधिकारियों ने इस हमले पर कोई बयान जारी नहीं किया है, जबकि सुरक्षा बलों ने हमले के बाद से इलाके की घेराबंदी कर रखी है।

माहीर और सोरो में सैन्य शिविरों पर एक साथ हमला : उधर, केच जिले के मांड इलाके में हथियारबंद लोगों ने माहीर और सोरो में सैन्य शिविरों पर एक साथ हमला किया। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि इस दौरान भारी गोलीबारी और एक साथ कई विस्फोट हुए। इससे पहले अवारन के झाओ इलाके में हथियारबंद लोगों ने मुख्य सड़क पर स्थित एक लेवीज चौकी पर हमला कब्जा कर लिया। इस दौरान कर्मचारियों के सभी हथियार छीन लिए और चौकी को आग के हवाले कर दिया। पास के झाओ नौंद्रा में एक और पाकिस्तानी सैन्य चौकी पर हमला हुआ, जहां हमलावरों ने कथित तौर पर हमले के दौरान एक क्वाडकॉप्टर को मार गिराया। वाशुक जिले के बसिमा में सोमवार रात केंद्रीय सैन्य शिविर के पास आधे घंटे से अधिक समय तक लगातार गोलीबारी और विस्फोट की आवाज सुनाई दी। आसपास के निवासियों ने बताया कि लगातार 14 से ज्यादा विस्फोट की आवाज सुनाई दी। हताहतों की संख्या अभी स्पष्ट नहीं है। खुज़दार जिले के जेहरी इलाके के बुलबुल, तरासानी और गजान में सैन्य अभियान जारी है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अभियान के दौरान कई जगहों पर हथियारबंद लोगों और पाकिस्तान की सेना के बीच झड़पें हुईं। इस दौरान सैन्य हेलीकॉप्टर इलाके के ऊपर से उड़ान भरते रहे।

अमेरिका ने ‘बलूच लिबरेशन आर्मी’ को आतंकी घोषित किया : वॉशिंगटन : अमेरिका ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सक्रिय अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) को विदेशी आतंकी संगठन घोषित कर दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी। बीएलए को लंबे समय से अफगानिस्तान और ईरान से सटे, खनिज संपदा से भरपूर बलूचिस्तान क्षेत्र में सक्रिय सबसे प्रभावशाली उग्रवादी गुट माना जाता है। यह इलाका चीन के निवेश वाले ग्वादर गहरे समुद्री बंदरगाह और अन्य परियोजनाओं के कारण रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के अनुसार, हाल ही में बीएलए ने मार्च में क्वेटा से पेशावर जा रही पाकिस्तानी ‘जाफर एक्सप्रेस’ ट्रेन को हाईजैक करने की जिम्मेदारी ली थी। इस घटना में 31 नागरिकों और सुरक्षा बलों के जवानों की मौत हुई थी, जबकि 300 से अधिक यात्री बंधक बना लिए गए थे।विदेशी आतंकी संगठन घोषित होने के बाद इस समूह को वित्तीय सहायता और किसी भी प्रकार की मदद प्रदान करना अमेरिकी कानून के तहत प्रतिबंधित हो गया है।

Spread the love