Eksandeshlive Desk
रांची : चैंबर भवन के प्रथम तल पर स्थित सौंदर्यीकृत पीएल चोपड़ा ऑडिटोरियम और चैंबर के नए मोबाइल ऐप का शनिवार को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने उद्घाटन किया। सौंदर्यीकृत सभागार और मोबाइल ऐप की सराहना करते हुए उन्होंने इसे व्यापारियों और उद्यमियों के लिए उपयोगी बताया। इस अवसर पर चैंबर अध्यक्ष परेश गट्टानी ने सभागार को सभी सदस्यों के लिए समर्पित करते हुए संबद्ध संस्थाओं से अपनी बैठकों का आयोजन भी चैंबर भवन में करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अब चैंबर भवन में चार सुसज्जित हॉल उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग सभी कर सकते हैं। हॉल को सुसज्जजित कराने और नए मोबाइल एप का निर्माण कराने में मिले सहयोग के लिए उन्होंने संयोजक अरुण भरतिया के प्रयासों की सराहना की।
चैंबर ने मांगा स्मार्ट सिटी में एक एकड़ जमीन : सभा का संचालन करते हुए पूर्व अध्यक्ष पवन शर्मा ने मंत्री से आग्रह किया कि कॉमर्स हाउस के निर्माण के लिए स्मार्ट सिटी क्षेत्र में चैंबर को सरकारी दर पर एक एकड़ भूखंड उपलब्ध कराएं, जिसपर मंत्री ने सहयोग का भरोसा दिलाया। पूर्व अध्यक्ष विनय अग्रवाल ने उद्योग-व्यापार से जुड़े सभी विभागों में चैंबर का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि योजनाओं को लागू करने से पहले चैंबर से परामर्श लिया जाए तो नीतियां अधिक प्रभावी होंगी। उन्होंने विभागों के बीच समन्वय की कमी पर भी चिंता जताई। वहीं पूर्व अध्यक्ष मनोज नरेड़ी ने राज्य में भवन नियमितीकरण योजना को शीघ्र लागू करने की मांग की।
इज ऑफ डूइंग बिजनेस, झारखंड में अब तक नहीं उतरा धरातल पर : पूर्व अध्यक्ष कुणाल अजमानी ने कहा कि संवेदकों के भुगतान में अनिश्चितता बनी हुई है। यह भी कहा कि इज ऑफ डूइंग बिजनेस, झारखंड में अब तक धरातल पर नहीं उतर सका, क्योंकि सिंगल विंडो सिस्टम पूरी तरह कारगर नहीं है। अभी भी अलग-अलग विभागों से क्लीयरेंस लेना पड़ता है। उद्योग-व्यापार से जुड़े नीति निर्माण में स्टेकहोल्डर्स की सहभागिता अनिवार्य होनी चाहिए, जिससे सरकार और उद्योग जगत दोनों को लाभ मिलेगा। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि झारखंड चैंबर समस्याओं की सूची उन्हें सौंपे, उन्होंने विभागीय अधिकारियों और चैंबर प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक कराकर समाधान सुनिश्चित कराने का प्रयास करेंगे। उन्होंने माना कि प्रशासनिक कार्यसंस्कृति में पारदर्शिता होनी चाहिए, लेकिन जटिलताएं भी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में हॉर्टिकल्चर के क्षेत्र में बड़ी संभावना है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बना सकती है और यह उनकी प्राथमिकता भी है।
बैंकर्स का जितना सहयोग मिलना चाहिए, वह नहीं मिल रहा : एसएलबीसी की बैठकों का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि अर्थव्यवस्था के विकास में बैंकर्स का जितना सहयोग मिलना चाहिए, वह नहीं मिल रहा है। एग्रीकल्चर, एमएसएमई सेक्टर के लिए जो एनुअल क्रेडिट प्लान बनाते हैं, वहां तक उस लक्ष्य पर बैंकर्स नहीं पहुंच पाते। इसे मैंने गंभीरता से लिया है। कार्यक्रम में चेंबर अध्यक्ष परेश गट्टानी, उपाध्यक्ष ज्योति कुमारी, महासचिव आदित्य मल्होत्रा, सह सचिव विकास विजयवर्गीय, नवजोत अलंग, कोषाध्यक्ष रोहित अग्रवाल, कार्यकारिणी सदस्य शैलेश अग्रवाल, नवीन गाड़ोदिया, प्रवीण लोहिया, मुकेश अग्रवाल, साहित्य पवन, अमित शर्मा, संजय अखौरी, राम बांगड़, पूर्व अध्यक्ष मनोज नरेड़ी, पवन शर्मा, विनय अग्रवाल, कुणाल अजमानी, धीरज तनेजा सहित कई सदस्य उपस्थित थे।
