sunil verma
रांची : झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में डॉ पूजा शकुंतला शुक्ला की काव्य -रचना विश्वविद्यालय की पहचान शुक्रवार को आयोजित समारोह में बनी । सुश्री शुक्ला के द्वारा रचित कुलगीत ने विश्वविद्यालय की शौर्य, ज्ञान, विज्ञान और राष्ट्र-सेवा की भावना को प्रभावी रूप से व्यक्त किया। समारोह में कुलगीत का औपचारिक प्रस्तुतीकरण हुआ। गीत के माध्यम से झारखंड की सांस्कृतिक गरिमा और वीर-परंपरा का संदेश पूरे मंच पर गूंजा। कुलगीत ने विद्यार्थियों में राष्ट्र-कर्तव्य और अनुशासन की भावना को और सुदृढ़ किया। डॉ. शुक्ला की यह काव्य-रचना विश्वविद्यालय की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी। कुलाधिपति, कुलपति, अधिकारी, विद्यार्थी और अतिथिगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। यह दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय के इतिहास में एक यादगार क्षण के रूप में दर्ज हुआ।गीत के माध्यम से झारखंड की सांस्कृतिक गरिमा और वीर-परंपरा का संदेश पूरे मंच पर गूंजा।
