Eksandeshlive Desk
पलामू : मेदिनीनगर स्थित एकमात्र सरकारी चिकित्सा संस्थान मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एमएमसीएच) की व्यवस्था गंभीर सवालों के घेरे में हैं। हालात ऐसे हैं कि कई ओपीडी में न तो पर्याप्त लाइट की व्यवस्था है और न ही बुनियादी संसाधन उपलब्ध हैं। मजबूरी में डॉक्टरों को मरीजों का इलाज मोबाइल की रोशनी में करना पड़ रहा है।
केस-1 : इमरजेंसी में अंधेरा, मोबाइल से इलाज : शुक्रवार को करीब 11.13 एमएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड में बिजली नहीं होने से मरीज को मोबाइल के रौशनी में इंजेक्शन देना पड़ा। करीब 15 से 25 मिनट तक बिजली गुल रही, जिस कारण पूरा वार्ड अंधेरे में रहा। इसी दौरान जब मरीज इलाज के लिए पहुंचे तो डॉक्टरों को विवश होकर मोबाइल फोन की रौशनी में मरीजों की जांच करनी पड़ी और पर्ची लिखना पडा।
केस-2 : एमएमसीएच के पुरानी बिल्डिंग में हाल यह है कि मरीज गंभीर अवस्था में भी ऊपर तल्ले पर सीढ़ियों से जाने के लिए विवश हैं, क्योंकि पुराने भवन में इमरजेंसी वार्ड है, वहां का लिफ्ट कई दिनों से खराब है, जिस कारण मरीज के परिजन मरीज को गोद में उठा कर ले जाते हैं, लेकिन अस्पताल प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंग रहा है। इस अव्यवस्था के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद इसके अस्पताल प्रशासन की ओर से न तो कोई ठोस पहल दिखाई दे रही है और न ही समस्याओं के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया है।
