ग्रामीणों के विरोध के बाद बंद हुई शराब दुकान

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GOVIND PATHAK

जमशेदपुर: एमजीएम थाना क्षेत्र (पीपला): ग्राम सभा की सहमति के बिना संचालित विदेशी शराब की दुकान को ग्रामीणों के विरोध के चलते बंद करना पड़ा। भागाबंध गांव और बड़ाबांकी पंचायत के लोगों ने एकजुट होकर इस दुकान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। ग्रामीणों का आरोप था कि बिना पूर्व सूचना या ग्राम सभा की अनुमति के दुकान चलाई जा रही थी, जो पंचायत नियमों और स्थानीय जनभावनाओं के खिलाफ था। इस दुकान के चलते गांव में असामाजिक तत्वों की आवाजाही बढ़ गई थी, जिससे महिलाओं, बच्चों और स्कूली छात्र-छात्राओं को असुविधा और असुरक्षा महसूस हो रही थी। महिलाओं ने विशेष रूप से इस बात पर नाराजगी जताई कि खुले में स्नान और अन्य दैनिक गतिविधियों में बाधा उत्पन्न हो रही थी, जिससे उनकी गरिमा और सुरक्षा खतरे में पड़ गई थी।

मुखिया राकेश चंद्र मुर्मू ने ग्रामीणों की भावनाओं को प्रशासन तक पहुंचाते हुए ज्ञापन सौंपा और स्पष्ट रूप से मांग की कि बिना ग्राम सभा की सहमति से खोली गई यह दुकान अवैध है और इसे तुरंत बंद किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि 4 अप्रैल तक कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों के आक्रोश और मुखिया के प्रयासों के बाद, उत्पाद विभाग के वरीय पदाधिकारी रामदेव पासवान स्वयं भागाबांध गांव पहुंचे और शराब दुकान को बंद कराने की कार्रवाई की। दुकान बंद होते ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। इस मौके पर मुखिया राकेश चंद्र मुर्मू, मोतीलाल महतो मास्टर, पर्वत किस्कू, मगलू महतो, देवेन महतो, धनंजय महतो, राजेश महतो, रंजीत महतो, रोबेन महतो, तिलक महतो, संतोष महतो, सोइलेन महतो, पारितोष महतो, और ग्राम की कई महिलाएं मौजूद थीं।

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