news by Mustaffa
चुट्टू गांव में अकीदत के साथ रखी गई मस्जिद की नींव,लखनऊ से पहुंचे मौलाना कारी रियाज़ अहमद
मेसरा(रांची) : राजधानी के बीआईटी मेसरा ओपी क्षेत्र अंतर्गत चुट्टू गांव में सोमवार का दिन ऐतिहासिक रहा। इलाके की बढ़ती आबादी और खुदा की इबादत के लिए जगह की जरूरत को देखते हुए नई इबादतगाह, ‘मस्जिद-ए-अमीर-हम्ज़ा’ का संगे-बुनियाद (शिलान्यास) पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों और सादगी के साथ रखा गया। इस मुबारक मौके पर देश के प्रतिष्ठित संस्थान दारुल उलूम नदवतुल उलमा (लखनऊ) के मौलाना क़ारी रियाज़ अहमद साहब विशेष रूप से उपस्थित रहे।
“मस्जिदें इंसानियत और भाईचारे का पैगाम देती हैं” – मौलाना रियाज़
शिलान्यास के बाद जनसमूह को संबोधित करते हुए मौलाना क़ारी रियाज़ अहमद साहब ने बेहद प्रभावशाली बयान दिया। उन्होंने कहा कि “मस्जिदें केवल ईंट और पत्थर की दीवारें नहीं होतीं,बल्कि ये खुदा के घर और इंसानियत के मरकज़ (केंद्र) होते हैं। यहाँ से न केवल इबादत की सदा गूंजती है,बल्कि अनुशासन,सफाई और एक-दूसरे के प्रति हमदर्दी का सबक भी मिलता है। इस मस्जिद की तामीर का मकसद इस इलाके में अमन,बरकत और हिदायत की रोशनी फैलाना होना चाहिए।” इस रूहानी महफिल में क्षेत्र के कई नामचीन उलेमाओं ने शिरकत की। मुफ्ती सलमान साहब,मुफ्ती अनवर साहब क़ासमी,मौलाना तल्हा नदवी साहब,मुफ्ती अबू उबैदा साहब,मौलाना समीउल हक़,मौलाना अख्तर नोमानी,मौलाना अजीज नोमानी और कारी सरवर साहब ने सामूहिक रूप से दुआ मांगी कि अल्लाह इस नेक काम को अपनी बारगाह में कबूल फरमाए और मस्जिद के निर्माण को सुगम बनाए।
“अंजुमन कमेटी और ग्रामीणों में भारी उत्साह” कार्यक्रम की सफलता में अंजुमन कमेटी चुट्टू के पदाधिकारियों की सक्रिय भूमिका रही। अंजुमन के सदर हाजी जबुल अंसारी,सेक्रेट्री हाजी हेयात अंसारी और रीजनल हैंडलूम के चेयरमैन शरीफ अंसारी ने अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान गांव के बुजुर्गों और नौजवानों में भारी उत्साह देखा गया। लोगों ने संकल्प लिया कि वे इस मस्जिद की तामीर में हर संभव सहयोग करेंगे ताकि जल्द से जल्द यहाँ नमाज शुरू हो सके।
