Eksandeshlive Desk
इस्लामाबाद/ नई दिल्ली : पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के दक्षिण-पूर्वी इलाके में शुक्रवार की नमाज के दौरान हुए आत्मघाती हमले से हाहाकार मचा हुआ है। हमलावर ने इमामबाड़े के अंदर खुद को उड़ा लिया। इस हमले में कम से कम 32 लोग मारे गए और 169 अन्य घायल हो गए। इस हमलावर के दो भाइयों और परिवार की एक महिला को हिरासत में लिया गया है। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने विस्फोट पर गहरा शोक जताया है। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आत्मघाती हमलावर ने इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में इमामबाड़ा खदीजा अल-कुबरा के द्वार पर खुद को उड़ा लिया। उसके साथ अन्य हमलावर भी थे। हमलावरों ने विस्फोट से पहले गोलियां चलाईं। चश्मदीदों ने बताया कि हमलावरों को इमामबाड़ा मुख्य द्वार पर गार्डों ने रोकने की कोशिश की। इसके बाद गोलीबारी शुरू हो गई हुई। इस दौरान एक हमलावर इमामबाड़ा के अंदर कम से कम 20 मीटर तक घुस गया और खुद को उड़ा लिया। इस दौरान हुए विस्फोट से चीख-पुकार मच गई। हमले में कम से कम 32 लोगों की मौत हो गई।
हमले के अलग-अलग पहलुओं की जांच जारी : इस्लामाबाद के जिला उपायुक्त इरफान नवाज मेमन ने कहा कि किसी भी समूह ने तुरंत इस आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों के अनुसार, आत्मघाती हमलावर की पहचान पेशावर निवासी 32 वर्षीय यासिर के रूप में हुई है। उसके घर छापा मारकर दो भाइयों और एक महिला को हिरासत में लिया गया है। तीनों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि हमलावर पिछले पांच महीनों से अफगानिस्तान में रह रहा था। वहां उसे हथियारों के इस्तेमाल और आत्मघाती बमबारी का प्रशिक्षण मिला। आत्मघाती हमलावर के मददगारों का पता लगाने के लिए पेशावर और नौशेरा में तलाशी अभियान चल रहा है। हमले के अलग-अलग पहलुओं की जांच जारी है। रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने संघीय इस हमले का आरोप भारत और अफगानिस्तान पर मढ़ा है। भारत ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है। संघीय स्वास्थ्य मंत्री मुस्तफा कमाल ने बताया कि अस्पतालों में घायलों का इलाज चल रहा है। इनमें से 25 की हालत गंभीर है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने धमाके पर गहरा शोक व्यक्त किया और जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। राष्ट्रपति जरदारी ने कहा कि निर्दोष लोगों को निशाना बनाना मानवता के खिलाफ अपराध है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इमामबाड़ा में किए गए आत्मघाती हमले की निंदा की है। उन्होंने लोगों की मौत पर गहरा दुख और शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने गृहमंत्री मोहसिन नकवी से बात की और निर्देश दिया कि दोषियों की पहचान कर उन्हें तुरंत न्याय के कटघरे में लाया जाए। पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने कहा कि इस्लामाबाद के इमामबाड़े में हुए धमाके से उन्हें गहरा दुख हुआ है।
भारत ने विस्फोट में संलिप्तता के आरोप को खारिज किया : भारत ने इस्लामाबाद के एक इमामबाड़े में शुक्रवार को हुए आत्मघाती विस्फोट में संलिप्तता के पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। विदेश मंत्रालय ने हमले को निंदनीय बताते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान अपने सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करने वाली समस्याओं का गंभीरता से समाधान करने के बजाय अपनी घरेलू समस्याओं के लिए दूसरों को दोषी ठहराकर झूठी तसल्ली दे रहा है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा, ”सुबह इस्लामाबाद की एक मस्जिद में हुआ बम विस्फोट निंदनीय है और भारत इसमें हुई जानमाल की हानि के प्रति संवेदना व्यक्त करता है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान अपने सामाजिक ताने-बाने को विकृत करने वाली समस्याओं का गंभीरता से समाधान करने के बजाय अपनी घरेलू परेशानियों के लिए दूसरों को दोषी ठहराकर खुद को झूठी तसल्ली दे रहा है।” मंत्रालय ने कहा, ”भारत इस तरह के हर आरोप को खारिज करता है। यह आरोप निराधार होने के साथ-साथ निरर्थक भी है।” उल्लेखनीय है कि विस्फोट के बाद पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने बिना कोई सबूत दिए आरोप लगाया कि इस हमले में भारत और अफगानिस्तान का हाथ है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि यह साबित हो चुका है कि हमले में शामिल आतंकवादी अफगानिस्तान से आया-गया था। इस्लामाबाद में शुक्रवार की नमाज के दौरान इमामबाड़े में हुए आत्मघाती हमले में मृतकों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। इस्लामाबाद पुलिस ने एक बयान में कहा कि यह शक्तिशाली विस्फोट इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में स्थित खदीजा अल-कुबरा मस्जिद (इमामबाड़ा) में हुआ।
