जासूसी के आरोप में रूस ने ब्रिटिश राजनयिक की मान्यता रद्द की, दो हफ्ते में छोड़ना होगा देश

INTERNATIONAL

Eksandeshlive Desk

मॉस्को : रूस ने जासूसी के आरोप में एक ब्रिटिश राजनयिक की मान्यता रद्द करते हुए उसे दो सप्ताह के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया है। उस पर अपने बारे में गलत जानकारी देने का आरोप है। रूस की फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (एफएसबी) ने सोमवार को घोषणा की कि जासूसी के आरोप में मॉस्को स्थित ब्रिटिश दूतावास के दूसरे सचिव जेन्स जेरार्डस की मान्यता रद्द कर दी गयी है और उसे दो हफ़्ते के अंदर देश छोड़ने का आदेश दिया गया है। ब्रिटिश राजनयिक पर आरोप है कि उसने अपने बारे में गलत जानकारी दी थी। रूस की सरकारी संवाद समिति तास और तुर्किए की सरकारी संवाद समिति अनाडाेलू एजेंसी ने एक रिपोर्ट में बताया कि रूस की काउंटर-इंटेलिजेंस एजेंसी एफएसबी ने मॉस्को स्थित ब्रिटिश दूतावास के दूसरे सचिव जेन्स जेरार्डस को जासूसी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित कर दिया है। उस पर अनौपचारिक मुलाकातों के दौरान रूसी अर्थव्यवस्था के बारे में जानकारी इकट्ठा करने की कोशिश करने का भी आरोप लगा है। यह राजनयिक खुफिया और विध्वंसक गतिविधियां चला रहा था, जिनसे रूसी संघ की सुरक्षा को खतरा है।

संवेदनशील जानकारी हासिल करने का प्रयास करने का आरोप : एफएसबी ने एक बयान में कहा कि जेरार्डस की मान्यता रद्द कर दी गई है और उन्हें दो सप्ताह के भीतर रूस छोड़ना होगा। यह साबित हो गया है कि जेन्स जेरार्डस ने हमारे देश में प्रवेश की अनुमति के लिए आवेदन करते समय जानबूझकर गलत जानकारी दी थी, जिससे रूसी कानून का उल्लंघन हुआ। जेरार्डस ने रूसी आर्थिक विशेषज्ञों के साथ अनौपचारिक बैठकों के दौरान संवेदनशील जानकारी हासिल करने का प्रयास किया था, जिसे रिकॉर्ड कर लिया गया था। ब्रिटिश पक्ष को सूचित किया गया कि कुछ ब्रिटिश राजनयिकों द्वारा जानबूझकर अपने बारे में गलत जानकारी देने के पहले सामने आए मामलों पर हम पहले ही कड़ी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। उनसे यह भी कहा गया है कि वे लंदन को एक कड़ा सुझाव दें कि ब्रिटिश नागरिक विशेष रूप से दूतावास के कर्मचारी, वीज़ा के लिए आवेदन करते समय अपने अतीत के बारे में केवल सही जानकारी ही दें। इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि मॉस्को रूस में अघोषित ब्रिटिश खुफिया अधिकारियों की गतिविधियों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगा और इस मुद्दे पर हमारा कड़ा रुख राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के अनुरूप ही बना रहेगा।

Spread the love