नेपाल : पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को जमानत देने से नेपाल सुप्रीम कोर्ट का इंकार

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Eksandeshlive Desk

काठमांडू : नेपाल के सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक की जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायाधीश कुमार रेग्मी की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को लेखक की जमानत के मुद्दे पर सुनवाई करते हुए उनकी गिरफ्तारी पर कारण बताओ (शो-कॉज) आदेश जारी किया है, लेकिन इससे लेखक की तत्काल रिहाई की संभावना कम हो गई है। यह याचिका लेखक की पत्नी यशोदा लेखक ने दायर की थी, जिसमें उनकी हिरासत को अवैध बताते हुए चुनौती दी गई थी। याचिका में प्रधानमंत्री तथा सिंहदरबार स्थित मंत्रिपरिषद सचिवालय को प्रतिवादी बनाया गया था। जेन जी प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोली चलाने की जिम्मेदारी बताते हुए शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री केपी ओली और पूर्व गृहमंत्री लेखक को गिरफ्तार किया गया था। गठित न्यायिक आयोग ने ओली और लेखक को मुख्य दोषी बताते हुए उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने की सिफारिश की थी।

नेपाल में ओली की गिरफ्तारी के विरोध में लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन : इधर, नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री एवं सीपीएन (यूएमएल) के प्रमुख केपी शर्मा ‘ओली’ की गिरफ्तारी के विरोध में सोमवार को लगातार तीसरे दिन कार्यकर्ताओं और समर्थकों का प्रदर्शन जारी रहा। सीपीएन (यूएमएल) ने ओली को राजनीतिक प्रतिशोध के आधार पर अवैध रूप से गिरफ्तार किए जाने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन को जारी रखा है। पार्टी के नेता, कार्यकर्ता और समर्थक काठमांडू के माइतीघर में एकत्र होकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे पहले सीपीएन (यूएमएल) के सचिव महेश बस्नेत ने माइतीघर में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने के लिए नेताओं एवं कार्यकर्ताओं से अपील की थी। उन्होंने वर्तमान सरकार पर निरंकुश तरीके से आगे बढ़ने का आरोप लगाया है। काठमांडू के माइतीघर मण्डला से शुरू हुआ प्रदर्शन अब नए बानेश्वर स्थित एभरेष्ट होटल के सामने तक पहुंच गया है। आज का प्रदर्शन पार्टी की बागमती प्रदेश इकाई के आह्वान पर किया गया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने प्रतिशोध की राजनीति बंद करो, अध्यक्ष ओली को रिहा करो- जैसे नारे लगाए। ओली की शनिवार को गिरफ्तारी के बाद से ही उनकी पार्टी लगातार प्रदर्शन कर रही है। उल्लेखनीय है कि जेन जी आंदोलन के दौरान निहत्थे छात्रों की हत्या के आरोप में तत्कालीन प्रधानमंत्री ओली और तत्कालीन गृहमंत्री रमेश लेखक को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट में ओली और लेखक के साथ पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और सेना के अधिकारियों को भी दोषी ठहराया है, लेकिन सुरक्षा बलों के खिलाफ फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं लेने का निर्णय लिया गया।

नाबालिग से दुर्व्यवहार के आरोप में यूएमएल की विधायक गिरफ्तार : सीपीएन-यूएमएल की लुंबिनी प्रदेश सभा सदस्य रेखा कुमारी शर्मा को नाबालिग घरेलू कामगार के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। काठमांडू की अपराध अन्वेषण कार्यालय की एक टीम ने उन्हें रविवार देर रात काठमांडू के धुम्बाराही स्थित उनके निवास से गिरफ्तार किया। शर्मा यूएमएल की निर्वाचित प्रदेश सभा सदस्य हैं। करीब डेढ़ साल पहले उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने एक नाबालिग लड़की को छह वर्षों तक अपने घर में घरेलू कामगार के रूप में रखकर बाल श्रम का शोषण किया और उसके साथ शारीरिक दुर्व्यवहार किया। बताया गया है कि उस लड़की को कई बार पीटा गया, और जब उसकी हालत बिगड़ गई, तब काठमांडू महानगरपालिका ने उसे शर्मा के घर से बचाया। उस समय सरकारी वकील के कार्यालय ने शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज न करने का निर्णय लिया था। इस निर्णय की व्यापक आलोचना हुई थी, खासकर उस समय जब यूएमएल अध्यक्ष केपी शर्मा ओली प्रधानमंत्री थे। बाद में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस मामले की समीक्षा की। राजनीतिक हस्तक्षेप और सत्ता में बैठे लोगों को संरक्षण मिलने के आरोपों को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए। तत्कालीन काठमांडू महानगरपालिका के मेयर बालेन्द्र शाह ने भी सार्वजनिक रूप से इस निर्णय पर सवाल उठाया था और पूछा था कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद शर्मा के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

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