झारखंड विधानसभा-बजट सत्र : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जो कहते हैं वह करते हैं : कल्पना सोरेन

Politics

Eksandeshlive Desk

रांची : विधानसभा में बजट सत्र के दौरान विधायक कल्पना सोरेन ने सदन में शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जो कहते हैं, वह करके दिखाते हैं। कल्पना सोरेन अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग और महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के बजट सत्र की मांग पर कटौती प्रस्ताव के विपक्ष में बोल रही थी। उन्होंने कहा कि अबुआ सरकार न डरती है और न झुकती है। यह बजट महिलाओं के सम्मान, बच्चों के भविष्य और सामाजिक न्याय को समर्पित है। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में महिलाएं अब कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रही हैं और झारखंड की आधी आबादी के लिए पहली बार इस तरह की योजनाएं लाई गई हैं।

आम लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर काम किया जा रहा : कल्पना सोरेन ने कहा कि मंईयां सम्मान योजना के लिए बजट में 14,065 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत राज्य सरकार अपने संसाधनों से महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये देने का काम कर रही है। भाजपा शासित किसी भी राज्य ने अपने चुनावी वादों को इस तरह पूरा नहीं किया है, जबकि झारखंड सरकार ने इसे लागू कर दिखाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने छात्रवृत्ति की राशि में कटौती कर दी है। कल्पना सोरेन ने कहा कि सावित्रीबाई फुले योजना का उद्देश्य किशोरी बच्चियों में आत्मविश्वास बढ़ाना और बाल विवाह को रोकना है। उन्होंने कहा कि यह बजट आने वाली पीढ़ी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। बजट में महिलाओं की हिस्सेदारी 34 प्रतिशत और बच्चों की हिस्सेदारी 11 प्रतिशत रखी गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा के लगभग 18–19 वर्षों के शासनकाल में राज्य में 12 लाख लोगों को पेंशन से जोड़ा गया था, जबकि अबुआ सरकार के पांच-छह वर्षों में ही 34 लाख लोगों को पेंशन का लाभ दिया गया है। अबुआ सरकार रांची से नहीं गांव से चलती है। आम लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर काम किया जा रहा है।

सदन में 13 को सुबह 10 बजे से शुरू होगी कार्यवाही : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शनिवार 13 मार्च 2026 को सदन की कार्यवाही सुबह 10 बजे से शुरू होगी। यह जानकारी विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) रबीद्र नाथ महतो ने शुक्रवार को सदन में आहूत दूसरी पाली की बजट सत्र में कटौती प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान दी। उन्होंने कहा कि बजट सत्र में ध्यानाकर्षण से जुड़े कई प्रस्ताव लंबित हैं। जिसे देखते हुए सदन की कार्यवाही शुरू होने के एक घंटे पहले शुरू की जाएगी। इस दौरान खासकर ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी, ताकि सदन में लंबित मामलों का निबटारा किया जा सके।

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