जिला परिषद दुमका के द्वारा कटरा आवंटन की नीति का विरोध जारी

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SADDAM HUSAIN

शिकारीपाड़ा/दुमका: आदिवासी अधिकार मोर्चा  शिकारीपाड़ा ने जिला परिषद दुमका के द्वारा निर्मित कटरा के आवंटन हेतु अपनाई जाने वाली नीलामी प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवेदन पत्र आज क्षेत्र के जिला परिषद सदस्यों के माध्यम से सांसद दुमका नलिन सोरेन, विधायक शिकारी पाड़ा आलोक कुमार सोरेन, अध्यक्षा जिला परिषद दुमका जोइस बेसरा तथा उपायुक्त दुमका को सौंपा। आदिवासी अधिकार मोर्चा शिकारीपाड़ा के उपस्थित सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि चूंकि यह क्षेत्र आदिवासी बहुल क्षेत्र है और आज भी पढ़े-लिखे आदिवासी युवा रोजगार की तलाश में बाहरी प्रदेशों में पलायन करते हैं। उन्होंने आदिवासी युवाओं और पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों को अनुदानित किराया मूल्य पर कटरा का आवंटन करने तथा सिक्योरिटी डिपॉजिट मनी की राशि के उपबंध को समाप्त करने का आग्रह किया है। आवेदन में कहा गया है कि कमरा आवंटन नियमावली की समीक्षा करते हुए 1932 के स्थानीय नागरिकों को ही कमरे का आवंटन किया जाए। पूर्व में आवंटित कमरे के आवंटन मेंअनियमिकता बरतते हुए बाहरियों को तथा पूंजीपति वर्ग के हितों को पोषित किया गया है। संयोजक हाबिल मुर्मू ने कहा कि शिकारीपाड़ा क्षेत्र के तीनों जिला परिषद सदस्यों अविनाश सोरेन, सुनील मरांडी तथा प्रकाश हांसदा को जिला परिषद के द्वारा आवंटित होने वाले इन कमरों की नीलामी पर आवश्यक हस्तक्षेप करने की मांग की है।

बताते चलें कि जिला परिषद दुमका के द्वारा शिकारीपाड़ा में ब्लॉक वन तथा ब्लॉक बी के तहत कई कमरों का निर्माण किया गया है जिसे रोजगारों के लिए स्थानीय बेरोजगार युवकों को नीलामी के द्वारा आवंटित किया जाना है। अभी कुछ दिन पूर्व ही नीलामी हेतु आवेदन करने की तिथि घोषित की गई थी जिसका स्थानीय युवाओं एवं शिकारीपाड़ा अधिकार मोर्चा के सदस्यों ने विरोध करते हुए कहा था कि यह नीलामी की प्रक्रिया एवं तिथि को गुपचुप रखते हुए खास लोगोंको लाभ पहुंचाने की नीयत से गुपचुप ढंग से आवेदन लिया जा रहा था। विरोध के बाद ही जिला परिषद दुमका ने आवेदन करने की तिथि को बढ़ाते हुए 24 जुलाई कर दिया है। अब देखना यह है कि जिला परिषद दुमका एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि क्षेत्र की स्थानीय जनता की मांगों पर कितने संवेदनशील होकर निर्णय लेते हैं।

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