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रांची: मानसिक स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल से जोड़कर बेहतर परिणाम प्राप्त करने को लेकर रिनपास शताब्दी वर्ष समारोह के दूसरे दिन एसोसिएशन आॅफ साइकियाट्रिक सोशल वर्क प्रोफेशनल्स का दूसरा राष्टÑीय सम्मेलन आयोजित शुक्रवार को किया गया । सम्मेलन का विषय स्कल्प्टिंग इंडिजिनस सोशल वर्क प्रैक्टिसेज इन मेंटल हेल्थ रखा गया था । इसका मुख्य उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल से जोड़कर बेहतर परिणाम प्राप्त करना था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य की समस्या समय के साथ बढ़ रही है, जिसका सीधा असर आर्थिक विकास पर भी पड़ रहा है। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अधिक साइकियाट्रिक सोशल वर्करों की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही शॉर्ट टर्म कोर्स और छात्रों की क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम करने का सुझाव दिय। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि रिनपास का महत्व आने वाले समय में और अधिक बढ़ेगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार रिनपास में अधोसंरचना, कक्षाओं और उपकरणों की कमी को पूरा करेगी।उन्होंने यह भी कहा कि रिनपास और सीआईपी मिलकर आउटरीच प्रोग्राम तैयार करें। ताकि समाज के अधिक लोगों तक मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकें साथ ही नवीनतम शोध को सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार अपनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। इस अवसर पर डॉ प्रतिमा मूर्ति, रिनपास निदेशक डॉ अमूल रंजन, डॉ अरविंद कुमार, डॉ दीपांजन भट्टाचार्य और प्रमंडलीय आयुक्त अंजनी कुमार मिश्रा उपस्थित थे।
