Eksandeshlive Desk
पश्चिमी सिंहभूम : झारखंड सरकार के राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार तथा परिवहन विभाग के मंत्री दीपक बिरुवा के नाम से सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों को ठगने का गंभीर मामला सामने आया है। इस फर्जी पेज के माध्यम से असामाजिक तत्व आम लोगों से क्रय–विक्रय से जुड़ी बातचीत कर लेनदेन की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री ने खुद इस बारे में सार्वजनिक रूप से जानकारी देते हुए लोगों को सतर्क किया है और झारखंड पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। रविवार को मंत्री दीपक बिरुवा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से स्पष्ट किया कि उनके नाम से चल रहा यह पेज पूरी तरह फर्जी है और उसका उनसे कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनके नाम और पहचान का गलत इस्तेमाल कर आम जनता को भ्रमित कर रहे हैं।
मंत्री ने अपने पोस्ट में सभी मित्रों, परिचितों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस फर्जी अकाउंट के माध्यम से किसी भी प्रकार का लेनदेन न करें और न ही कोई व्यक्तिगत जानकारी साझा करें। मंत्री ने यह भी बताया कि फर्जी अकाउंट के जरिए उनके नाम का दुरुपयोग कर खरीद–फरोख्त से संबंधित बातचीत की जा रही है, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने इस पूरे मामले को झूठा और भ्रामक प्रचार बताते हुए झारखंड पुलिस से संज्ञान लेने का आग्रह किया है। अपने पोस्ट में मंत्री ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी टैग किया है ताकि मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। पुलिस के अनुसार, मामले की जानकारी मिलते ही जांच शुरू कर दी गई है। साइबर सेल की ओर से फर्जी अकाउंट की पहचान, उसके संचालन और उससे जुड़े लोगों का पता लगाया जा रहा है। हालांकि फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस का कहना है कि जल्द ही दोषियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब सोशल मीडिया के जरिए फर्जी पहचान बनाकर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। नाम, फोटो और पद देखकर लोग आसानी से भरोसा कर लेते हैं, जिसका फायदा साइबर अपराधी उठा रहे हैं। सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों के नाम से फर्जी अकाउंट बनना यह दर्शाता है कि साइबर अपराध का दायरा कितना व्यापक हो चुका है। मंत्री दीपक बिरुवा ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी अकाउंट की सत्यता की जांच किए बिना भरोसा न करें। किसी भी तरह के संदेह की स्थिति में संबंधित व्यक्ति के आधिकारिक अकाउंट या प्रशासन से पुष्टि जरूर करें। ऐसे मामलों में सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है, ताकि लोग साइबर ठगी का शिकार होने से बच सकें।
