मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित राजग उम्मीदवारों ने राज्यसभा के लिए दाखिल किया नामांकन

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Eksandeshlive Desk

पटना : बिहार की राजनीति में गुरुवार को उस समय हलचल तेज हो गई जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवारों ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नितिन नवीन और रामनाथ ठाकुर, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के उपेंद्र कुशवाहा तथा शिवेश कुमार ने भी अपना नामांकन दाखिल किया। सभी उम्मीदवारों ने बिहार विधानसभा परिसर स्थित विधान सभा कार्यालय प्रकोष्ठ में सचिव की उपस्थिति में राज्यसभा चुनाव के लिए अपने नामांकन पत्र जमा किए। नामांकन दाखिल करने के दौरान राजनीतिक माहौल काफी सक्रिय दिखाई दिया और गठबंधन के कई बड़े नेता इस मौके पर मौजूद रहे। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा सहित जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। नेताओं ने उम्मीदवारों को शुभकामनाएं देते हुए राज्यसभा चुनाव में जीत का भरोसा जताया। जनता दल यूनाइटेड ने राज्यसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि नीतीश कुमार के लंबे राजनीतिक अनुभव और प्रशासनिक क्षमता का लाभ संसद में भी बिहार और देश को मिलेगा। नामांकन दाखिल होने के साथ ही बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। अब सभी दल अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए रणनीति बनाने में जुट गए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में राज्यसभा चुनाव को लेकर बिहार की राजनीति में और भी हलचल देखने को मिल सकती है।

असम राज्यसभा चुनाव: तीन सीटों के लिए भाजपा व गठबंधन के उम्मीदवारों ने दाखिल किए नामांकन

गुवाहाटी : असम की खाली होने वाली तीन राज्यसभा सीटों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के अंतिम दिन गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेतृत्वाधीन गठबंधन के तीन उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किया। भाजपा की ओर से कैबिनेट मंत्री योगेन महन और दुलियाजान विधानसभा क्षेत्र के विधायक तेरेस ग्वाला ने नामांकन पत्र जमा किया। वहीं तीसरी सीट के लिए भाजपा गठबंधन के सहयोगी दल यूपीपीएल (यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल) के अध्यक्ष प्रमोद बोड़ो ने नामांकन दाखिल किया। नामांकन दाखिल करने के दौरान केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा, उनके मंत्रिमंडल के सदस्य तथा गठबंधन सहयोगी दलों असम गण परिषद (अगप), यूपीपीएल और भाजपा के कई नेता उपस्थित रहे। किसी अन्य दल की ओर से उम्मीदवार सामने नहीं आने के कारण माना जा रहा है कि भाजपा गठबंधन के ये तीनों उम्मीदवार बिना प्रतिद्वंद्विता राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो सकते हैं। दरअसल, 9 अप्रैल को असम के तीन राज्यसभा सांसदों भुवनेश्वर कलिता, अजीत कुमार भुइयां और रामेश्वर तेली का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इनमें से दो सीटें वर्तमान में भाजपा के पास हैं, जबकि एक सीट विपक्ष के पास है। उल्लेखनीय है कि राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 5 मार्च है। बिहार सहित 10 राज्यों की कुल 37 राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च को चुनाव निर्धारित है। इनमें महाराष्ट्र की 7, तमिलनाडु की 6, बिहार और पश्चिम बंगाल की 5-5, ओडिशा की 4, असम की 3, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और हरियाणा की 2-2 तथा हिमाचल प्रदेश की 1 सीट शामिल है। हालांकि, 9 मार्च को नामांकन वापसी की अंतिम तिथि के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि असम में मतदान की आवश्यकता पड़ेगी या नहीं। यदि किसी सीट पर मुकाबला नहीं होता है, तो उम्मीदवारों को बिना मतदान के ही निर्वाचित घोषित किया जा सकता है।

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