मुंडारी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग

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Eksandeshlive Desk

खूंटी : करम अखड़ा खूंटी में रविवार को आदिवासी सरना समाज की बैठक पांडेया मुंडा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में परंपरागत आदिवासी सरना समाज को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। साथ ही 2025 की जनगणना ठीक से गणना हो सके, इसके लिए समाज को जागरूक करने और जनगणना कॉलम में समाज के लोग निश्चित तौर पर सरना धर्म कोड लिखें, इसके लिए समाज के लोगों को जागरूक करने का निर्णय लिया गया।

बैठक में मुंडारी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की गई और समाज के लोगों से अपनी मुंडारी भाषा बोलने की अपील की गई। बैठक में कुड़मी / कुरमी समुदाय के लोगों को आदिवासी में शामिल करने की मांग का विरोध किया गया । बिरसा कॉलेज खूंटी में बीएड की पढ़ाई शुरू करने की मांग की गई।

बैठक में पड़हा राजा सोमा मुंडा, दुर्गावती ओड़ेया, सेलाय चंद्र मुंडा, जमुना पूर्ति, बिरसा पाहन, जाबोर मुंडा, अनुपम हस्सा, हरि मुंडा, मथुरा कंडीर, दामु मुंडा, बगराय मुंडा, विरेंद्र कुमार सोय, अमृता मुंडा, मोदेस्ता तोपनो, राम मुंडा, सुरजू हस्सा, संदीप हस्सा,कोंता पहान, दुर्गा मुंडा, कुंवर नाग, विमल नाग, सुखु सांगा, चौठा पहान, दुबराज मुंडा, मान सिंह पाहन, सुभाष मानकी, बैजनाथ पाहन, गंदुरा मुंडा सहित समाज के अन्य लोग शामिल थे। बैठक के अंत में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के निधन पर पांच मिनट का मौन रखकर शोक व्यक्त किया गया।

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