बालेन्द्र सरकार शपथ ग्रहण के साथ ही एक्शन में आई, सीपीएन यूएमएल ने ओली की गिरफ्तारी की आलोचना की
Eksandeshlive Desk
काठमांडू : नेपाल में बालेन्द्र सरकार शपथ ग्रहण के साथ पहले ही दिन से एक्शन में आ गई है। शपथग्रहण को अभी 24 घंटे भी नहीं हुए कि जेन जी प्रदर्शन के दौरान निहत्थे छात्रों की हत्या के आरोप में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और तत्कालीन गृहमंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले शुक्रवार को बालेन्द्र की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट बैठक ने जेन जी आंदोलन की जांच के लिए गठित आयोग के सिफारिश को लागू करने का फैसला किया था। शनिवार सुबह सूरज निकलनेे से पहले पहले रमेश लेखक और बाद में पूर्व प्रधानमंत्री ओली को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट में ओली और लेखक के साथ पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और सेना के अधिकारियों को भी दोषी ठहराया है, लेकिन सुरक्षा बलों के खिलाफ फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं लेने का निर्णय लिया गया। सरकार ने एक समिति बनाकर इनकी भूमिका की जांच कराने का फैसला किया है।
गिरफ्तारी के बाद पूर्व प्रधानमंत्री ओली अस्पताल में भर्ती : नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को काठमांडू के शिक्षण अस्पताल में भर्ती किया गया है। उन्हें अस्पताल के ‘एनेक्स वन’ के 501 नंबर बेड पर रखा गया है। शनिवार सुबह गिरफ्तारी के बाद स्वास्थ्य परीक्षण के लिए उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। शुरुआत में उन्हें अस्पताल के ‘रेड जोन’ के 27 नंबर बेड पर रखा गया, जहां नेफ्रोलॉजी टीम के डॉक्टर रविन नेपाली सहित एक अन्य टीम ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। हृदय रोग विशेषज्ञों ने भी उनकी जांच की। अस्पताल के बयान के अनुसार, “रक्त परीक्षण, वीडियो एक्स-रे सहित विभिन्न जांचों के बाद ओली को एनेक्स वन के 501 नंबर बेड में भर्ती किया गया है।” 501 नंबर बेड वाले भवन में ओली को उनकी गाड़ी से ही ले जाया गया था। शिक्षण अस्पताल का 501 नंबर बेड किडनी प्रत्यारोपण वाले मरीजों के लिए आरक्षित रहता है। ओली किडनी प्रत्यारोपण करवा चुके हैं। उनका दो बार किडनी ट्रांसप्लांट भी हो चुका है। शनिवार को अवकाश होने के कारण दोनों को रविवार को जिला अदालत काठमांडू में पेश किया जाएगा।
सीपीएन यूएमएल का आरोप- नेपाल की नई सरकार ने ओली को गिरफ्तार कर राजनीतिक बदला लिया : सीपीएन यूएमएल ने पार्टी अध्यक्ष केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी की आलोचना करते हुए बालेन्द्र शाह के नेतृत्व में नेपाल की कमान संभालने वाले युवा नेतृत्व पर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी ने कहा कि नई सरकार ने ओली को गिरफ्तार कर राजनीतिक बदला लिया है। पार्टी ने भविष्य के कदमों के लिए आपातकालीन सचिवालय बैठक आहूत की है। पार्टी सचिव महेश बस्नेत ने सोशल मीडिया पर लिखा, “हालिया घटनाक्रम देश की राजनीतिक स्थिति को लेकर गंभीर चिंता पैदा करते हैं।” उन्होंने प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के नेतृत्व में गृहमंत्री सुदन गुरूंग की नियुक्ति की आलोचना की। सुदन को अनुभवहीन और विवादास्पद बताया। उन्होंने कहा, “पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी से राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। ये कदम राजनीतिक प्रतिशोध और पक्षपात को दर्शाते हैं। बस्नेत ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो पुलिस सरकारी संपत्ति और अपने पदों की सुरक्षा करने में विफल रही, वही लोकतंत्र के लिए संघर्ष करने वाले नेताओं को गिरफ्तार करने के लिए बड़ी संख्या में तैनात की गई।”
गृहमंत्री सुदन ने कहा-ओली की गिरफ्तारी बदले की कार्रवाई नहीं, न्याय की शुरुआत है : नेपाल के गृहमंत्री सुदन गुरुङ ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी बदले की कार्रवाई नहीं है। सुदन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि यह कदम न्याय की शुरुआत का संकेत है। उन्होंने लिखा, “कानून से ऊपर कोई नहीं है। हमने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को हिरासत में लिया है। यह किसी के खिलाफ बदले की भावना नहीं है, बल्कि न्याय की शुरुआत है।” उल्लेखनीय है कि ओली और लेखक को आज सुबह पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ जेन जी प्रदर्शन के दौरान निहत्थे प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोली चलाने का आदेश देने का आरोप है।
