Ashutosh Jha
काठमांडू : सांसद जगदीश खरेल, ललितपुर महानगरपालिका महापौर चिरिबाबु महर्जन तथा नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से पाटन के गुइटा टोल स्थित गुस्थल महाविहार एवं प्रथमश्री महाविहार के आगम के नवनिर्मित सांस्कृतिक धरोहर स्थल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर गणमान्य अतिथियों ने उद्घाटन पट्टिका का अनावरण करने के साथ-साथ पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों में भी भाग लिया। कार्यक्रम में नेपाल सरकार के शहरी विकास एवं भवन निर्माण विभाग (डीयूडीबीसी) के अंतर्गत केंद्रीय स्तर परियोजना कार्यान्वयन इकाई (सीएलपीआईयू–भवन एवं आवास) के अधिकारी, स्थानीय समुदाय के प्रतिनिधि तथा काठमांडू स्थित भारतीय राजदूतावास के अधिकारी भी उपस्थित थे।
गुस्थल महाविहार एवं प्रथमश्री महाविहार के आगम का पुनर्निर्माण भारत सरकार द्वारा भूकंप-पश्चात पुनर्निर्माण सहायता के अंतर्गत लगभग 12 करोड़ नेपाली रुपये की अनुदान सहायता से किया गया है। इस परियोजना का कार्यान्वयन नेपाल सरकार की केंद्रीय स्तर परियोजना कार्यान्वयन इकाई (सीएलपीआईयू–भवन एवं आवास) द्वारा किया गया, जबकि इसकी अभिकल्पना तथा परियोजना प्रबंधन परामर्श सेवाएं इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (इंटैक) द्वारा प्रदान की गईं। जगदीश खरेल ने स्थानीय समुदाय के धैर्य एवं दृढ़ता की सराहना करते हुए गुस्थल महाविहार जैसे प्राचीन जीवंत सांस्कृतिक धरोहर स्थलों के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सांस्कृतिक विरासत स्थलों के पुनरुद्धार हेतु भारत सरकार द्वारा प्रदान किए गए सहयोग की भी प्रशंसा की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर चिरिबाबु महर्जन ने ललितपुर तथा नेपाल के अन्य जिलों में सांस्कृतिक धरोहर स्थलों के पुनर्निर्माण एवं जीर्णोद्धार में भारत सरकार के योगदान की सराहना की। उन्होंने इस कार्य में स्थानीय समुदाय के सहयोग की भी प्रशंसा की। अपने संबोधन में राजदूत ने भारत और नेपाल के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने नेपाल के ऐतिहासिक स्मारकों के पुनरुद्धार के लिए भारत के निरंतर सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि पुनर्निर्मित ये संरचनाएँ दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक विरासत तथा मैत्री के स्थायी प्रतीक हैं।
