नेशनल पीआर कॉन्क्लेव आयोजन पूरे कोल इंडिया के लिए गर्व की बात: विनय रंजन

360° CCL Ek Sandesh Live

जनसंपर्क का नया अध्याय: सीसीएल में नेशनल पीआर कॉनक्लेव 2025 का भव्य शुभारंभ

नेशनल पीआर कॉनक्लेव: संवाद, विश्वास और नई सोच का संगम

sunil verma

रांची : सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड द्वारा आयोजित नेशनल पीआर कॉनक्लेव 2025 का भव्य शुभारंभ सीसीएल मुख्यालय स्थित गंगोत्री कन्वेंशन सेंटर रांची में हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि निदेशक मानव संसाधन सीआईएल विनय रंजन ने कहा कि सीसीएल द्वारा आयोजित यह नेशनल पीआर कॉन्क्लेव 2025 का आयोजन पूरे कोल इंडिया के लिए गर्व की बात है। उन्होंने नकारात्मक खबरों का मुकाबला सकारात्मक खबरों से करने की रणनीति पर काम करने का सुझाव दिया। उन्होंने सीसीएल और झारखंड सरकार के संयुक्त पहल से चलाए जा रहे जेएसएसएसपी का भी उल्लेख किया। ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के सीएमडी सतीश झा ने अपने संबोधन में कहा कि पीआर और विज्ञापन दो अलग चीजें हैं। सिर्फ रिश्ता बनाना ही नहीं, बल्कि विश्वास स्थापित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। ईमानदारी, रणनीति और सहानुभूति के साथ कंपनी का अच्छा प्रभाव बनाया जा सकता है। आज पीआर केवल इमेज मैनेजमेंट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह रिश्ते बनाने और उद्देश्यपूर्ण संवाद का सशक्त माध्यम बन चुका है। प्रमुख विज्ञापन गुरु प्रह्लाद कक्कड़ ने कहा कि हमे कभी हार नहीं मानना चाहिए, याद रखिए डर के आगे ही जीत है। किसी भी संस्था या कंपनी की पहचान केवल उसके काम से नहीं, बल्कि उसके जनसंपर्क से बनती है। पीआर वह सेतु है जो जनता और संगठन के बीच विश्वास का पुल तैयार करता है। सेंट्रल कोलफील्डस लिमिटेड के सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह ने कहा कि हमारी सफलता साझेदारी और संवाद पर आधारित है। खासकर एआई की दुनिया में सूचनाओं का आदान-प्रदान और भी महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने आगे कहा कि जब हम बोलें और सामने वाला समझ जाए यही सशक्त एवं प्रभावी संचार है। इंडियन हेबिटेट सेंटर के निदेशक के.जी. सुरेश ने तेज और जिम्मेदार प्रतिक्रिया को आधुनिक पीआर की जरूरत बताया। अपने संबोधन में उन्होंने अलग-अलग वीडियो के माध्यम से दर्शकों को बताया कि रचनात्मक एवं भावपूर्ण कहानियां स्वंय ही प्रभावी संचार में सक्षम होती है, उन्हें कोई भाषाई और भौगोलिक सीमाएं नहीं रोक सकती हैं। प्रो. डॉ सुरभि दहिया ने कहा कि टारगेट आॅडियंस को समझना और इंडस्ट्री सोर्सेज का बेहतर उपयोग पीआर प्रोफेशनल की कुंजी है। आलोक कुमार गुप्ता वे कहा कि सीसीएल द्वारा आयोजित यह कॉनक्लेव न केवल विचारों का संगम बना, बल्कि जनसंपर्क के क्षेत्र में नई दृष्टि और दिशा प्रदान करने वाला मील का पत्थर साबित होगा। केंद्रीय विश्वविद्यालय, झारखंड के मास कम्युनिकेशन के विभागाध्यक्ष श्री देव व्रत सिंह ने छात्रों के लिए जनसंपर्क और संचार क्षेत्र में अवसरों की विशेषता पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में रांची के विभिन्न विश्वविद्यालयों, कॉलेजों के शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए, उन्होंने इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि आज के कार्यक्रम से उन्हें आधुनिक युग में प्रचलित जनसंपर्क विधा के बारे में बारिकी से जानने का मौका मिला, जिसका उपयोग वे अपने आने वाले करियर में करेंगे।

Spread the love