नरेगाकर्मियों ने ग्रामीण विकास मंत्री के आवास पर किया धरना प्रदर्शन , रखी पांच सूत्री की मांग

360° Ek Sandesh Live


रांची: झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के आह्वान पर राज्य के अलग अलग जिलों से आए मनरेगा कर्मियों ने सोमवार को रांची स्थित ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री दीपिका पांडेय सिंह के आवास के समक्ष धरना प्रदर्शन किया। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार इन मांगों पर तत्काल और सकारात्मक कार्रवाई नहीं करती है तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। इसके साथ ही कर्मचारियों ने कहा कि मांगे नहीं मानी गई तो मुख्यमंत्री आवास घेराव की भी रणनीति बनेगी।ग्रामीण विकास मंत्री के आवास के समक्ष धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे संघ के अध्यक्ष अनिरुद्ध पांडेय ने कहा कि करीब 18 वर्षों से हम क्षेत्र में रहकर सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने में लगे हैं। हमें सिर्फ आश्वासन मिला न कि सुविधाएं । उन्होंने कहा कि यह कैसा न्याय है कि हम क्षेत्र में सेवा देने वाले मनरेगाकर्मियों की उपार्जित निधि से ही मनरेगा सेल के कर्मियों को ग्रेड पे दिया जाता है और हमें मानदेय दिया जाता है, जो अब यह बर्दाश्त नहीं होगा। मनरेगा रोजगार गारंटी परिषद की बैठक में 30 प्रतिशत मानदेय बढ़ाने और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की अनुशंसा हुई है। लेकिन वह लागू नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर उनका स्थायीकरण, ग्रेड पे, सामाजिक सुरक्षा, निलंबन नीति और मुआवजा-अनुकंपा से जुड़ी पांच सूत्री मांग पूरे नहीं हुए तो आंदोलन और तेज होगा।संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिरुद्ध पांडेय ने कहा कि ‘मनरेगा कर्मी पिछले कई वर्षों से ग्रामीण विकास की नींव को मजबूत करने में अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं। लेकिन बदले में उन्हें सिर्फ उपेक्षा मिली है। सरकार की उदासीनता के कारण आज कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता की स्थिति में हैं। उन्होंने मांगो को जिक्र करते हुए कहा कि पहली मांग है कि स्थायीकरण हो ,राज्य मनरेगा कोषांग में कार्यरत कर्मियों के समान ग्रेड- पे का लाभ क्षेत्रीय मनरेगा कर्मियों को भी दिया जाए। सभी मनरेगा कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया जाए। जिसमें जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा, पेंशन और ग्रेच्युटी जैसी सुविधाएं शामिल हो। मध्य प्रदेश राज्य की तर्ज पर मनरेगा कर्मियों के लिए एक पारदर्शी और स्पष्ट निलंबन नीति लागू की जाए।अब तक जितने भी मनरेगा कर्मियों की मौत हुई है, उनके परिवार को 30 लाख रुपए मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर मनरेगा में ही नौकरी दी जाए। अभी तक बर्खास्त किए गए सभी मनरेगा कर्मियों को प्रमंडलीय आयुक्त के समक्ष एक बार अपील करने का अवसर प्रदान किया जाए।
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह के आवास पर मनरेगाकर्मियों के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बलों को तैनात किया गया था।

Spread the love