Ashutosh Jha
काठमांडू : राष्ट्रीय समता पार्टी नेपाल ने बांग्लादेश में हाल ही में घटी अमानवीय, क्रूर और लक्षित हिंसक घटनाओं, विशेषकर अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ उत्पीड़न, हमलों और अत्याचारों के प्रति अपनी गहरी नाराजगी, पीड़ा और कड़ा विरोध व्यक्त किया हैं। पार्टी के महासचिव डॉ. अभिषेक तिवारी ने कहा कि इन घटनाओं ने न केवल एक समुदाय, बल्कि संपूर्ण मानव सभ्यता, सहअस्तित्व और विश्व मानव संस्कृति के बारे में गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य का मूल कर्तव्य अपने नागरिकों के जीवन, गरिमा, धार्मिक स्वतंत्रता और सुरक्षा की रक्षा करना है, लेकिन जब राज्य तंत्र की कमजोरी, चुप्पी या उदासीनता के कारण किसी विशेष समुदाय को बार-बार निशाना बनाया जाता है, तो यह न केवल शासन की विफलता है, बल्कि राष्ट्र के धर्म (राजधर्म) का गंभीर उल्लंघन भी है।
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ चल रही घटनाओं ने वहां की शासन प्रणाली, मानवाधिकारों की स्थिति और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर वैश्विक चिंताएं बढ़ा दी हैं।धर्म, जाति या पहचान के आधार पर किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न और अत्याचार एक सभ्य समाज के लिए अस्वीकार्य, निंदनीय और आपराधिक है। ऐसी घटनाओं पर चुप रहना अन्याय का मौन समर्थन करने के समान है। इसलिए, उन्होंने न केवल इस घटना की, बल्कि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा के सभी रूपों की कड़ी निंदा की और बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के पीड़ितों के प्रति अपनी गहरी संवेदना, एकजुटता और समर्थन व्यक्त किया। साथ ही में बांग्लादेश सरकार से यह भी स्पष्ट और दृढ़ता से मांग की है कि वह दोषियों की तत्काल पहचान करे और अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निष्पक्ष, पारदर्शी और सख्त कानूनी कार्रवाई करे तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए ठोस संरचनात्मक कदम उठाए।
