Eksandesh desk
हजारीबाग: केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ दस राष्ट्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा राष्ट्रव्यापी बंद के समर्थन में बुधवार को हजारीबाग के जिला परिषद चौक (डिस्ट्रिक्ट बोर्ड चौक) पर अखिल भारतीय किसान सभा, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम), भाकपा माले और खतियानी परिवार के संयुक्त तत्वावधान में एकजुट होकर चक्का जाम किया गया। इस चक्का जाम कार्यक्रम का नेतृत्व अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव के. डी. सिंह और प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने किया। इस अवसर पर केडी सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ देशभर में दस प्रमुख राष्ट्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा भारत बंद और हड़ताल का आह्वान किया गया। उन्होंने केंद्र सरकार से चार श्रम संहिता (लेबर कोड) को वापस लेने, सरकारी संस्थानों के निजीकरण पर रोक लगाने, और मजदूरों को उनके अधिकारों की गारंटी देने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अखिल भारतीय किसान सभा मजदूरों के संघर्ष में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा कि केंद्र सरकार मजदूरों द्वारा वर्षों के संघर्ष से प्राप्त अधिकारों को छीन रही है। उन्होंने कहा कि 8 घंटे काम और वाजिब मजदूरी जैसे मौलिक अधिकारों पर हमले हो रहे हैं, और सरकारी संस्थानों को निजी हाथों में सौंपकर रोजगार के अवसरों को समाप्त किया जा रहा है। यह नीति केवल कॉरपोरेट और पूंजीपति वर्ग को लाभ पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है। राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन का हजारीबाग में यह प्रदर्शन पूर्णतः शांतिपूर्ण रहा और सभी संगठनों ने मिलकर मजदूरों के हक और अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। चक्का जाम कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया, जिनमें प्रमुख रूप से श्रीकांत मेहता, कुंजीलाल साव, प्रभु रजक, नागेश्वर रजक, सुखदेव रजक, इंद्रदेव मेहता, द्वारिका मेहता, बद्रीराम, बजरंगी राम, तीजन राम, डोमन यादव, अरशद खान, सगीर खान, पंकज अगरिया, मुनीर खान, सोहर राम, मोहम्मद इम्तियाज, महेंद्र राम, मजीद अंसारी, सुदेशी पासवान, उदी राम, दिलचंद राम, कृष्णा राय, फगुना भूईंया, निजाम अंसारी, शौकत अनवर, मोहम्मद समीम, सुधीर यादव आदि शामिल रहे।
