री-एडमिशन फीस वसूली पर प्रशासन का शिकंजा

Education Ek Sandesh Live

निजी स्कूलों की मनमानी पर लगेगा लगाम

AMIT RANJAN

सिमडेगा: जिले के निजी स्कूलों में री-एडमिशन के नाम पर अभिभावकों से मनमाना शुल्क वसूले जाने की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिले में संचालित सभी निजी स्कूलों से उनका विस्तृत फीस स्ट्रक्चर तलब किया है। उपायुक्त कंचन सिंह के निर्देश पर जिला शिक्षा अधीक्षक दीपक राम ने सभी निजी स्कूल प्रबंधन को आदेश जारी करते हुए कहा है कि वे जल्द से जल्द अपनी पूरी फीस संरचना प्रशासन को उपलब्ध कराएं। इसमें एडमिशन फीस,री-एडमिशन शुल्क,ट्यूशन फीस,वार्षिक शुल्क समेत अन्य सभी मदों का स्पष्ट विवरण देना अनिवार्य किया गया है। जिला शिक्षा अधीक्षक ने बताया कि कई अभिभावकों ने शिकायत की है कि हर साल नए सत्र की शुरुआत में री-एडमिशन के नाम पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है,जो नियमों के अनुरूप नहीं है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों से फीस स्ट्रक्चर प्राप्त होने के बाद उपायुक्त की अध्यक्षता में स्कूल संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में फीस निर्धारण,नियमों के पालन और अभिभावकों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को लेकर विस्तृत चर्चा होगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी स्कूल द्वारा मनमानी या अवैध वसूली न की जाए। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनियमितता या शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि जांच के दौरान कोई स्कूल नियमों का उल्लंघन करते पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।इस पहल से अभिभावकों में राहत की उम्मीद जगी है। लंबे समय से वे निजी स्कूलों की बढ़ती फीस और मनमानी वसूली से परेशान थे। अब प्रशासन की सख्ती के बाद उम्मीद की जा रही है कि फीस व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और अभिभावकों को अनावश्यक आर्थिक दबाव से राहत मिलेगी।

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