News by Ashutosh jha
काठमांडू।नेपाल और भारत के बीच अटूट सांस्कृतिक तथा आध्यात्मिक संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के उद्देश्य से आज सीमावर्ती शहर रक्सौल की पवित्र भूमि पर एक विशिष्ट आध्यात्मिक कार्यक्रम संपन्न हुआ। विश्व ज्योतिष महासंघ के एशिया उपसभापति तथा अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त ज्योतिष सम्राट डा. पुरुषोत्तम दुबे ने वृन्दावन के प्रख्यात कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य जी महाराज को विशेष अभिनंदन पत्र द्वारा सम्मानित किया है।यह मुलाकात नेपाल-भारत मैत्री की अटूट सनातन डोर को पुनः पुष्ट करते हुए सनातन धर्म को दोनों देशों के बीच सबसे मजबूत खंभे के रूप में स्थापित करती है। अभिनंदन कार्यक्रम में ज्योतिष सम्राट डा. दुबे ने आचार्य जी महाराज के त्याग, समर्पण और आध्यात्मिक क्षेत्र में दिए गए अतुलनीय योगदान की उच्च प्रशंसा की। अभिनंदन पत्र में उल्लिखित जानकारी के अनुसार, आचार्य जी के मुखारविंद से प्रवाहित होने वाली भागवत कथा ने समाज में भटक चुकी युवा पीढ़ी को पुनः सनातन संस्कार और नैतिकता के मार्ग पर लौटने के लिए ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। इस गरिमामय अवसर पर नेपाल और भारत के श्रद्धालुओं की ओर से बृहस्पति फाउंडेशन, नेपाल के प्रतिनिधि चंदन पंडित और हिंदू जागरण समाज, नेपाल के समाजसेवी विजय सर्राफ ने भी आचार्य जी का भव्य स्वागत तथा अभिनंदन किया। समस्त राम-कृष्ण प्रेमी भक्तजनों की उपस्थिति में संपन्न इस कार्यक्रम ने सीमा क्षेत्र में सनातन धर्म और संस्कृति के संरक्षण में एक नई ऊर्जा भर दी है।
