रोहतास: चेनारी में तोड़े गए 40 सेनानियों के शिलापटट का हो अविलंब निर्माण

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अशोक वर्मा

मोतिहारी: देश के सभी प्रखंडों में स्वतंत्रता सेनानियो के नाम का शिलापटट लगाना, गांव मोहल्ले का नामकरण सेनानी के नाम पर करना एवं सेनानी परिवार की सुधि लेने का निर्णय कई दशक पूर्व केन्द्र सरकार ने किया था जो आजतक पुरा नही हुआ। उक्त बाते स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक वर्मा ने पूर्वी चंपारण जिला कार्यकारिणी की बैठक मे बतौर मुख्य अतिथि कही।उन्होने बताया कि कुछ प्रखंडो मे आधी अधुरी सूची वाले शिलापटट लगे तथा कुछ प्रखंडो मे उत्साही सेनानी परिवार या संगठनो ने अपने स्तर पर शिलापटट लगवाये।आजादी के लिये अपना सबकुछ कुर्बान करनेवाले सेनानियो को देश के सत्ता संस्कृति वालो ने वह सम्मान नही दिया जिसके वे हकदार थे।हा अपमान जरूर किया।श्री वर्मा ने कहा कि विश्व भर मे मे यह देखा जाता है कि है कि जिस देशवासियो या सरकार ने अपने स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियो को सम्मान दिया वह राष्ट्र कम समय मे तरक्की के शिखर पर पहूचा। किसी भी राष्ट्र के सरकार के लिए देश के आधार स्तंभ सेनानी एवं उनके परिवार को सम्मान देना उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए। श्री वर्मा ने रोहतास जिला चेनारी प्रखंड के डाकबंगला परिसर मे लगे 40 सेनानियो के नाम वाले शिलापटट को प्रशासन द्वारा तोडे जाने की तीव्र भर्त्सना की और अविलंब माफी मांगते हुये नये शिलापटट लगवाने को कहा। प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर अमरनाथ प्रसाद ने चेनारी मे स्वतंत्रता सेनानी शीला पटट को तोड़ने वाली घटना को विस्तार से बताते हुए कहा के चेनारी प्रखंड के डाक बंगला परिसर में 40 स्वतंत्रता सेनानियो की सूची वाले शीलापटट का निर्माण सेनानी उत्तराधिकारी परिवार द्वारा किया गया था ।प्रति वर्ष स्वतंत्रता दिवस एवं गणतंत्र दिवस पर वहा राजकीय सम्मान के साथ झंडोतोलन भी हुआ करता था जिसमें स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस के लोग भी भारी संख्या में रहते थे। आश्चर्य की बात है कि चेनारी के अंचल अधिकारी द्वारा 25 अप्रैल 2025 को बुलडोजर से बड़े ही बेरहमी के साथ स्वतंत्रता सेनानियों का नेम प्लेट लगा शिलापटट तोड़कर चकनाचूर कर दिया गया जो स्वतंत्रता सेनानियों का बहुत बड़ा अपमान था, इससे भारत के करोड़ों स्वतंत्रता सेनानी परिजनों के दिल पर गहरी चोट पहुंची थी एवं देश भर के लोगों ने इसकी निंदा की थी।26 अप्रैल 25 को सासाराम रोहतास के एसडीओ आशुतोष रंजन ने चेनारी जाकर निरीक्षण किया और स्थिति की जायजा ली। एसडीओ सासाराम ने सैकड़ो स्वतंत्रता सेनानी के परिजनों को आश्वासन दिया कि शीघ्र स्वतंत्रता सेनानियो का शीला पटट उचित स्थान पर लगा दिया जाएगा। किंतु वक्त गुजरता गया और 8 माह बीतने के बाद आज तक वहां पर शिलापटट नहीं लगा। डॉक्टर अमर ने कहा कि इस बाबत हाल ही में स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी संगठन ने जिला पदाधिकारी को आवेदन देकर मांग किया है स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में गणतंत्र दिवस के पूर्व वहां शीलापटट लगाया जाए और स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान दिया जाए ।जिला समिति के कार्यकारी ध्यक्ष राजकुमारी गुप्ता ने कहा कि चेनारी की घटना देश के लिए शर्मनाक घटना है इसलिए वहां के सीओ को सस्पेंड किया जाए तथा एक सप्ताह के अंदर पुनः शीला पटट लगाया जाए।जिला समिति के संरक्षक पूर्व प्राचार्य शशि कला कुमारी ने चेनारी की घटना की निदा करते हुए कहा कि स्वतंत्र भारत में आज सेनानियों की महिमा मंडित देश करता है लेकिन वास्तविकता में स्वतंत्रता सेनानी एवं उनका परिवार अपमानित हो रहा हैं। पूरे देश भर के स्वतंत्रता सेनानी संगठनों को एकजुट होकर के चेनारी मे सेनानी अपमान का विरोध करनी चाहिए। जिला अध्यक्ष कौशल किशोर पाठक ने चेनारी की घटना को देश के स्वतंत्रता सेनानियो को अपमानित करने वाली घटना बताया । उन्होंने कहा कि चंपारण से हम लोग चेनारी जाकर जिला कार्यालय का घेराव करेंगे ।गणतंत्र दिवस के पूर्व शिलापट लगाने की भी उन्होंने जोरदार मांग की। बैठक में रविंद्र सिंह, महासचिव इंजीनियर रत्नेश के अलावा सुरेंद्र सिह,चंद्रमा यादव एवं अन्य लोग थे।

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