सीसीएल ने 77वां गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया

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Reporting by Sunil Verma

सीसीएल भारत की ऊर्जा सुरक्षा का मजबूत स्तंभ है: सीएमडी निलेन्दु कुमार सिंह


रांची: सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड ने 77वां गणतंत्र दिवस महात्मा गांधी क्रीड़ांगण, सीसीएल गांधीनगर में उत्साह और गरिमा के साथ मनाया। इस अवसर पर सीसीएल के सीएमडी निलेन्दु कुमार सिंह ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और उपस्थित सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।अपने अभिभाषण में कहा कि सीसीएल भारत की ऊर्जा सुरक्षा का मजबूत स्तंभ है, कोयला केवल ईंधन नहीं, बल्कि देश के औद्योगिक विकास की आधारशिला है। वर्ष 2025-26 में सीसीएल ने उत्पादन एवं प्रेषण में निरंतर सुधार किया है और कर्मचारियों-श्रमिकों के समर्पण से संगठन ऊर्जा जरूरतों को मजबूती से पूरा कर रहा है। श्री सिंह ने बताया कि सीसीएल ने नई खदानों के विकास और बंद खदानों के पुनरुद्धार में उल्लेखनीय प्रगति की है। कोत्रे-बसंतपुर-पचमो ओपन कास्ट परियोजना में नवंबर 2025 से उत्पादन शुरू हो चुका है। वहीं, 15 मिलियन टन क्षमता वाली चंद्रगुप्त ओपन कास्ट परियोजना सभी वैधानिक स्वीकृतियाँ प्राप्त कर उत्पादन प्रारंभ करने को तैयार है। पिपरवार फेज-1 अंडरग्राउंड परियोजना में इन्क्लाइन ड्राइवेज का कार्य आरंभ हो गया है और राजहरा ओपन कास्ट परियोजना में इसी माह से कोयला उत्पादन शुरू किया गया है। सीएमडी ने सीसीएल सुरक्षा कर्मियों, सीआईएसएफ जवानों, आर्मी बैंड और डीएवी गांधीनगर स्कूल के विद्यार्थियों की परेड का निरीक्षण किया। अर्पिता महिला मंडल की अध्यक्षा प्रीति सिंह और क्लब की अन्य सदस्य भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के शुरूआत में शांति और प्रगति के प्रतीक रंग-बिरंगे गुब्बारों को आकाश में उड़ाया गया। पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सीसीएल पारंपरिक खनन से आगे बढ़कर सस्टेनेबल माइनिंग की दिशा में काम कर रहा है। अब तक 5,720 हेक्टेयर भूमि पर लगभग 1 करोड़ 10 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए 28 ट्रॉली-माउंटेड, 21 ट्रक-माउंटेड फॉग कैनन, 141 मोबाइल वाटर टैंकर तथा 26 किलोमीटर लंबे विंड बैरियर लगाए गए हैं। नेट-जीरो लक्ष्य के तहत सीसीएल कुल 425 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करेगा, जिसमें वर्तमान में 26.7 मेगावाट की स्थापित क्षमता है। पिपरवार का 20 मेगावाट सोलर प्लांट प्रतिमाह लगभग 28 लाख यूनिट बिजली उत्पादन कर रहा है, जिससे हर माह करीब 1.10 करोड़ रुपये की बचत हो रही है।उन्होंने आगे कहा कि सीसीएल समाज के समावेशी विकास के लिए अपनी सीएसआर गतिविधियों के अंतर्गत निरंतर निवेश कर रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में दिसंबर तक सीसीएल द्वारा लगभग 50 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीएसआर पर खर्च की जा चुकी है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में ह्लनन्हा सा दिलह्व परियोजना के तहत 28 हजार से अधिक बच्चों की जांच विद्यार्थियों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर परेड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सीएमडी एवं उपस्थित निदेशकगण ने पुरस्कार प्रदान किए। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सीसीएल के सुरक्षा गार्ड को भी गणमान्यों द्वारा पुरस्कृत किया गया।

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