Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के लिए यह वर्ष अत्यंत विशेष और ऐतिहासिक है। देश की सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक संरचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले संघ को इस वर्ष 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस अवसर को रेखांकित करती हिंदी फिल्म ‘शतक (संघ के 100 वर्ष)’ जल्द ही दर्शकों के सामने आने वाली है। शताब्दी का यह सफर पूरा करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारत के सबसे अधिक चर्चित संगठनों में है। हालांकि, संघ के बारे में बनी सार्वजनिक धारणाएं कई बार गहन समझ के बजाय अपूर्ण जानकारी और पूर्वाग्रहों पर आधारित रही हैं। संघ के मूल दर्शन, उसकी मूल्य-व्यवस्था और आंतरिक कार्यप्रणाली को समझने का प्रयास अपेक्षाकृत कम हुआ है।
इसी पृष्ठभूमि में ‘शतक’ फिल्म शोर-शराबे और धारणाओं से परे जाकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वास्तविक, ईमानदार और ऐतिहासिक यात्रा को प्रस्तुत करने का प्रयास करती है। वीर कपूर द्वारा निर्मित और आशीष तिवारी सह-निर्माता ने इस फिल्म को एडीए360डिग्री एलएलपी के सहयोग से बनाया है। फिल्म में संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के योगदान के साथ-साथ एम. एस. गोलवलकर (गुरुजी) के नेतृत्व में हुए संगठनात्मक विस्तार और विकास को उजागर किया गया है। मूल्यनिष्ठ, अनुशासन और दीर्घकालिक दृष्टि पर आधारित संघ के स्वरूप को फिल्म के माध्यम से दर्शाया गया है। फिल्म के निर्माता वीर कपूर ने कहा, “मैंने हमेशा इस राष्ट्र की सेवा की है और उसी भावना से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सेवा करने का प्रयास किया है।‘ शतक’ सौ वर्ष पहले शुरू हुई उस यात्रा की एक विनम्र प्रस्तुति है, जो शांत लेकिन निरंतर परिश्रम से आगे बढ़ी है। आज जब दुनिया भारत की ओर प्रेरणा के लिए देख रही है, तब संघ की भूमिका को पूर्वाग्रहों से परे जाकर ईमानदारी से प्रस्तुत करना आवश्यक है।” आशीष मल द्वारा निर्देशित फिल्म ‘शतक’ इसी वर्ष देशभर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने जा रही है।
