Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली: दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढहने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मकान मालिक के परिवार के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने संपत्ति की मालकिन उर्मिला गुप्ता (75), उनके पति हरिराम गुप्ता (81) और बेटे महेश गुप्ता (52) को गिरफ्तार किया है। हादसे के बाद चलाए गए लंबे बचाव अभियान में मलबे के नीचे दबे कुल 12 लोगों को बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से सात लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच घायल अस्पताल में भर्ती हैं। घायलों में तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद विभिन्न एजेंसियों ने लगातार मलबा हटाने और दबे लोगों को तलाशने का अभियान चलाया। बचाव अभियान पूरा होने के बाद पुलिस ने साफ किया कि मलबे से कुल 12 लोगों को निकाला गया था। अस्पताल में सात लोगों ने दम तोड़ दिया। शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए हैं। हादसे में जान गंवाने वालों में ज्यादातर युवा छात्र थे। मृतकों की पहचान अभिषेक (20), युवराज सोनी (20), पवन (17), अर्पित जहाज (19), अक्षत सिंह यादव (18) और 75 वर्षीय सुरिंदर सिंह के रूप में हुई है। एक मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है। अभिषेक उत्तर प्रदेश के सोनभद्र का रहने वाला था, जबकि युवराज सोनी छत्तीसगढ़ के दुर्ग का निवासी था। 17 वर्षीय पवन उत्तर प्रदेश के औरैया का रहने वाला था। अर्पित जहाज मध्य प्रदेश के देवास और अक्षत सिंह यादव मध्य प्रदेश के कटनी का रहने वाला था। सभी पांचों युवा छात्र थे। वहीं, 75 वर्षीय सुरिंदर सिंह मजदूरी करते थे। सातवें मृतक की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। हादसे में घायल पांच लोगों का इलाज चल रहा है। इनकी पहचान असगर अली (30), नीरज बावा (19), आदित्य कुमार (19), नितिश चिब (19) और मोहम्मद अयान (18) के रूप में हुई है।
पांच घायलों में तीन की हालत गंभीर: पुलिस के मुताबिक पांच घायलों में तीन की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि जिस संपत्ति में हादसा हुआ, वह उर्मिला गुप्ता के नाम पर है। हालांकि, संपत्ति का प्रबंधन और संचालन उनके पति हरिराम गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता द्वारा किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार हरिराम के नाम इमारत की दो मंजिलों के बिजली कनेक्शन भी हैं। हरिराम गुप्ता भारतीय वायुसेना से रिटायर्ड सार्जेंट हैं। वहीं उनका बेटा महेश हार्डवेयर और पेंट की दुकान चलाता है। महेश के दो बच्चे हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इमारत का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा था और इसमें रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर क्या इंतजाम किए गए थे। हादसे के बाद पुलिस ने मकान मालिक हरिराम गुप्ता को राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़ा था। इसके बाद जांच आगे बढ़ने पर उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता की भूमिका भी सामने आई। पुलिस ने तीनों को मामले में गिरफ्तार कर लिया है। अब उनसे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इमारत के निर्माण, रखरखाव और उसमें चल रहे पीजी से संबंधित फैसले कौन ले रहा था। पुलिस की जांच अब सिर्फ मकान मालिक परिवार तक सीमित नहीं है। हादसे के दौरान इमारत में पीजी का संचालन करने वाले लोगों और मजदूरों के ठेकेदार की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। यह पता लगाया जाएगा कि हादसे से पहले इमारत में किस तरह का काम चल रहा था, वहां कितने लोग रह रहे थे और निर्माण या मरम्मत के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। जांच में इन लोगों की भूमिका सामने आने के बाद उनके खिलाफ भी कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इमारत से जुड़े दस्तावेज, बिजली कनेक्शन और अन्य रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। बचाव अभियान पूरा होने के बाद शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए।
दिल्ली के सत्य निकेतन इमारत हादसे में छत्तीसगढ़ के युवक युवराज की हुई मौत: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को हुए भीषण इमारत हादसे में छत्तीसगढ़ के दुर्ग शहर के छात्र युवराज सोनी (20 वर्ष) की मौत हो गई। युवराज दिल्ली विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू कॉलेज में बीकॉम का छात्र था। युवराज छुट्टियां बिताकर महज तीन दिन पहले ही दिल्ली लौटा था। अचानक हुए इस हादसे की खबर मिलते ही दुर्ग में उसके परिवार और परिचितों के बीच शोक की लहर दौड़ गई। दुर्ग में रहने वाले उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे शव लेने के लिए दिल्ली रवाना हो चुके हैं। युवराज के दिल्ली के दोस्त आर्यन ने बताया है कि वह मोबाइल फोन पर युवराज से बातचीत कर रहा था। बातचीत के दौरान ही अचानक फोन पर युवराज की आवाज आनी बंद हो गई। फोन पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने के बाद अचानक कॉल कट गई। इसके बाद आर्यन को उसे सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत गिरने की जानकारी मिली। कुछ घंटों तक चली तलाश के बाद आर्यन को जानकारी मिली कि युवराज की मौत हो चुकी है और उसका शव एम्स के ट्रॉमा सेंटर में रखा गया है। दुर्ग के एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने जानकारी दी है कि घटना की सूचना मिलते ही युवराज के परिजन तत्काल दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। उन्होंने बताया कि युवराज सोनी मेडिकल स्टोर चलने वाले कन्हैया सोनी का इकलौता बेटा था। परिवार में माता-पिता और उसकी छोटी बहन है, जो 9वीं कक्षा में पढ़ती है।प्रशासन हर संभव मदद कर रहा है। युवराज पिछले करीब एक साल से दिल्ली में पढ़ाई कर रहा था। 31 अगस्त को ही वह राखी की छुट्टी मनाकर दुर्ग से दिल्ली गया था और एक सितंबर को दिल्ली पहुंचा था।
दिल्ली में असुरक्षित इमारतों पर सख्त कार्रवाई और पीजी गाइडलाइंस की समीक्षा करने का निर्देश: दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सत्य निकेतन हादसे के बाद आज असुरक्षित इमारतों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई और संस्थानों के लिए पीजी गाइडलाइंस की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। उपराज्यपाल ने सोमवार को दिल्ली में इमारतों की सुरक्षा, छात्रों के रहने की व्यवस्था और पीजी से जुड़े नियमों पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, गृह मंत्री आशीष सूद, मुख्य सचिव, डीजी (एनडीआरएफ), दिल्ली पुलिस आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उपराज्यपाल ने असुरक्षित इमारतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, संस्थानों की स्पष्ट जवाबदेही और शिकायतों के तेजी से समाधान व संकट के समय तालमेल के लिए डीडीएमए के तहत एक इमरजेंसी सिस्टम बनाने पर जोर दिया। दिल्ली के मंत्री को निर्देश दिया कि वे संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक कमेटी का नेतृत्व करें। यह कमेटी संस्थानों के लिए पीजी गाइडलाइंस की समीक्षा करेगी, यूनिवर्सिटी, दिल्ली नगर निगम और डीडीए के जरिए छात्रों के रहने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तलाशेगी और छात्रों के रहने के लिए डीडीए के खाली पड़े घरों के इस्तेमाल की संभावना का आकलन करेगी।
